धार के मांधू में जुटे विधायक, राहुल गांधी देंगे दिशा
दो दिवसीय शिविर में 12 सत्र, पार्टी के भविष्य पर होगा विचार

रिपोर्ट रोहित रजक धार/भोपाल।
कांग्रेस पार्टी ने मध्यप्रदेश में वर्ष 2028 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों का बिगुल बजा दिया है। इसी सिलसिले में धार जिले के ऐतिहासिक शहर मांधू में 21 और 22 जुलाई को कांग्रेस विधायकों का ‘नव संकल्प शिविर’ आयोजित किया गया है।

इस दो दिवसीय शिविर में पार्टी के वरिष्ठ नेता, संगठन के रणनीतिकार और विधायक एक मंच पर जुटे हैं ताकि पार्टी की आगामी रणनीति को मजबूत किया जा सके।


क्या है शिविर का उद्देश्य ?

इस शिविर का मुख्य उद्देश्य मध्यप्रदेश में 2028 में होने वाले विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस पार्टी की राजनीतिक, सामाजिक और संगठनात्मक दिशा तय करना है। साथ ही विधायकों को पार्टी के मूल्यों, आदर्शों और नीतियों से जोड़ना भी इस शिविर का एक अहम लक्ष्य है।

शिविर के माध्यम से यह तय किया जाएगा कि आने वाले समय में कांग्रेस किस रणनीति के तहत जनता के बीच जाएगी, और किन मुद्दों को प्राथमिकता देकर राज्य की भाजपा सरकार को घेरा जाएगा।


कौन-कौन होंगे शामिल ?

इस शिविर में सभी कांग्रेस विधायक, संगठन से जुड़े वरिष्ठ नेता, चुनावी रणनीतिकार और विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया है।

वरिष्ठ नेता राहुल गांधी का भी वर्चुअल संबोधन होगा, जिसमें वे विधायकों को मार्गदर्शन देंगे।

साथ ही, प्रदेश कांग्रेस के प्रमुख चेहरे कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, अरुण यादव, और जयवर्धन सिंह जैसे नेता भी अपनी भूमिका निभाएंगे।


12 सत्रों में होगा मंथन

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बताया कि इस दो दिवसीय शिविर में कुल 12 सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में कांग्रेस पार्टी की इतिहास, संघटनात्मक ढांचा, लोकतांत्रिक मूल्यों और राजनीतिक दिशा पर विचार किया जाएगा।

प्रत्येक सत्र में अलग-अलग विषयों पर चर्चा होगी जैसे –

कांग्रेस का इतिहास और योगदान

भाजपा सरकार की विफलताएं

जनहित के मुद्दों पर संघर्ष की दिशा

सोशल मीडिया और जनसंपर्क रणनीति

जमीनी कार्यकर्ताओं को कैसे जोड़ें

युवाओं और किसानों से संवाद की योजना

चुनावी बूथ मैनेजमेंट

मीडिया से प्रभावी संवाद


जमीनी मुद्दों पर बनेगी रणनीति

शिविर का एक प्रमुख फोकस यह रहेगा कि किस प्रकार कांग्रेस जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों जैसे –

महंगाई

बेरोजगारी

किसान संकट

महिला सुरक्षा

शिक्षा और स्वास्थ्य
को लेकर मजबूत जनांदोलन खड़ा कर सकती है।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बताया कि 2023 के चुनावों से जो अनुभव मिले हैं, उनका विश्लेषण कर 2028 की रणनीति में सुधार किया जाएगा। जनता की भावनाओं को समझते हुए एक स्थायी, स्थिर और जनहितकारी योजना तैयार की जाएगी।


संगठन को भी मिलेगा नया आकार

इस शिविर में केवल चुनाव नहीं, बल्कि पार्टी संगठन के पुर्नगठन पर भी विचार किया जाएगा। कांग्रेस पार्टी चाहती है कि बूथ स्तर से लेकर जिला और प्रदेश स्तर तक संगठन इतना मजबूत हो कि वह हर स्थिति में मुकाबले के लिए तैयार रहे।

इसके लिए जिला प्रभारी, ब्लॉक अध्यक्षों की रिपोर्ट, कार्यकर्ता प्रशिक्षण शिविर और सोशल मीडिया विंग की समीक्षा की जाएगी।


भाजपा सरकार को घेरने की बनेगी योजना

कांग्रेस का मानना है कि वर्तमान भाजपा सरकार जनविरोधी नीतियों पर चल रही है। चाहे बात युवाओं की हो या किसानों की, हर वर्ग परेशान है। इसलिए शिविर में यह रणनीति भी बनाई जाएगी कि इन मुद्दों को किस प्रकार जन आंदोलनों में बदला जाए।

पार्टी का लक्ष्य है कि शिविर के बाद सभी विधायक अपने-अपने क्षेत्र में जनता से सीधा संवाद करें, जनसभा करें और ‘कांग्रेस आपके द्वार’ जैसे अभियानों को गति दें।


राहुल गांधी का विशेष संबोधन

शिविर का मुख्य आकर्षण राहुल गांधी का वर्चुअल संबोधन रहेगा। राहुल गांधी विधायकों से संवाद कर उन्हें पार्टी की मूल विचारधारा, संवैधानिक जिम्मेदारियों और जनसरोकारों के मुद्दों पर जागरूक करेंगे।

कांग्रेस सूत्रों के अनुसार राहुल गांधी कह सकते हैं कि –

“हमें जनता का भरोसा जीतना है, नारे नहीं काम करना है, संघर्ष नहीं समाधान देना है।”


कांग्रेस का यह शिविर केवल एक औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि 2028 की राजनीति का खाका है। इस शिविर से निकलने वाले सुझावों और रणनीतियों के आधार पर ही कांग्रेस पार्टी मध्यप्रदेश में अपना भविष्य तय करेगी।

वर्तमान में जहां भाजपा लगातार सत्ता पर काबिज है, वहीं कांग्रेस इस शिविर के माध्यम से अपने विधायकों की सोच को एक दिशा देकर राज्य में एक बार फिर मजबूत वापसी की तैयारी कर रही है।

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