रिया सिन्हा: हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में धर्मशाला-मैक्लोडगंज बाईपास मार्ग पिछले चार-पांच महीनों से बंद पड़ा है, जिसका मुख्य कारण भूस्खलन के बाद डंगे (Retaining Wall) का निर्माण कार्य है। स्थानीय निवासियों और पर्यटकों के लिए यह मार्ग बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन निर्माण कार्य की धीमी गति ने सभी की परेशानी बढ़ा दी है। विभाग ने दावा किया था कि वह शीतकालीन सत्र से पहले इस मार्ग को बहाल कर देगा, लेकिन वर्तमान गति को देखते हुए इसकी बहाली जनवरी तक भी मुश्किल लग रही है। इस देरी से जिला मुख्यालय और ऊपरी क्षेत्रों का संपर्क प्रभावित हो रहा है।
बाईपास बंद होने से शहर में भीषण जाम
बाईपास मार्ग बंद होने का सीधा असर कांगड़ा शहर की यातायात व्यवस्था पर पड़ रहा है। सभी वाहन, खासकर पर्यटक वाहन, अब शहर के बीच से होकर गुजर रहे हैं, जिससे कोतवाली बाजार और आस-पास के क्षेत्रों में रोजाना भारी ट्रैफिक जाम की समस्या पैदा हो गई है। लोगों को घंटों जाम में फंसे रहना पड़ रहा है, जिससे उनका समय और ईंधन दोनों बर्बाद हो रहे हैं। व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं, क्योंकि बाजार में भीड़ और जाम के कारण ग्राहक आने से कतरा रहे हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जल्द से जल्द डंगा निर्माण पूरा करने की मांग की है।
पर्यटन कारोबार पर भी पड़ा सीधा असर
बाईपास मार्ग का बंद होना क्षेत्र के पर्यटन कारोबार के लिए एक बड़ा झटका है। मैक्लोडगंज और धर्मशाला जाने वाले पर्यटकों को जाम के कारण काफी असुविधा हो रही है, जिससे उनकी यात्रा का अनुभव खराब हो रहा है। कई पर्यटक अब इन क्षेत्रों में आने से बच रहे हैं, जिसका सीधा नुकसान स्थानीय होटलों और व्यवसायों को हो रहा है। प्रशासन को इस समस्या की गंभीरता को समझते हुए युद्ध स्तर पर कार्य शुरू करने की आवश्यकता है ताकि मार्ग जल्द से जल्द खुल सके और सामान्य जनजीवन बहाल हो।

