Muskan Garg: प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के दौरान एक बड़ा हादसा सामने आया है। मेले के सेक्टर 5 में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आग की चपेट में आकर दो टेंट पूरी तरह जलकर राख हो गए। इस दर्दनाक घटना में पत्नी को बचाने के प्रयास में पति झुलस गया, जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कैसे लगी आग? अचानक उठीं लपटें:
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सेक्टर 5 में बने एक टेंट से अचानक धुआं उठता दिखा और कुछ ही पलों में आग ने विकराल रूप ले लिया। देखते ही देखते लपटें पास के टेंट तक फैल गईं। मेले में मौजूद श्रद्धालुओं और कल्पवासियों में हड़कंप मच गया और लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे।
पत्नी को बचाने में झुलसा पति:
इस हादसे का सबसे मार्मिक पहलू तब सामने आया, जब एक व्यक्ति ने आग की लपटों में फंसी अपनी पत्नी को बचाने की कोशिश की। पत्नी को सुरक्षित निकालने के दौरान पति गंभीर रूप से झुलस गया। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल मदद करते हुए घायल को बाहर निकाला और एंबुलेंस के जरिए अस्पताल भिजवाया। डॉक्टरों के अनुसार, घायल का इलाज जारी है।
दमकल की त्वरित कार्रवाई:
घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फायर ब्रिगेड कर्मियों ने तेजी से मोर्चा संभालते हुए आग पर काबू पाया, जिससे बड़ा नुकसान टल गया। यदि समय पर आग पर नियंत्रण नहीं पाया जाता, तो आसपास के अन्य टेंट भी चपेट में आ सकते थे।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल:
माघ मेले जैसे विशाल आयोजन में इस तरह की घटना ने सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। टेंटों में बिजली, गैस और अन्य ज्वलनशील सामग्री के उपयोग को लेकर पहले भी चिंताएं जताई जाती रही हैं। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
प्रशासन सतर्क, जांच के आदेश:
प्रशासन ने घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। साथ ही मेले के सभी सेक्टरों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की दोबारा समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रयागराज माघ मेले के सेक्टर 5 में हुई यह आगजनी एक चेतावनी है कि बड़े आयोजनों में अग्नि सुरक्षा को लेकर किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। राहत की बात यह रही कि समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन इस घटना ने एक परिवार को गहरी पीड़ा दी है। अब सबकी नजर प्रशासन की जांच और आगे की कार्रवाई पर टिकी है, ताकि दोबारा ऐसा हादसा न हो।
