रिया सिन्हा: भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने जल्द ही सरकारी आवास खाली करने का निर्णय लिया है। सूत्रों के अनुसार, यह कदम सरकारी प्रोटोकॉल और नए आवास आवंटन से जुड़ा हुआ है। धनखड़ उपराष्ट्रपति पद संभालने के बाद से सरकारी आवास में रह रहे हैं। अब वह एक अन्य स्थान पर स्थानांतरित होंगे।
आवास परिवर्तन का कारण
जानकारी के मुताबिक, सरकारी प्रावधानों के तहत उपराष्ट्रपति को उनके कार्यकाल के दौरान विशेष सरकारी आवास दिया जाता है। समय-समय पर सुरक्षा और प्रशासनिक कारणों से इन आवासों का पुनर्विन्यास किया जाता है। इसी क्रम में उपराष्ट्रपति धनखड़ ने मौजूदा सरकारी आवास छोड़ने का निर्णय लिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह केवल प्रशासनिक प्रक्रिया है और इसमें किसी भी प्रकार का विवाद नहीं है।
नए आवास की तैयारी
धनखड़ को अब दिल्ली के लुटियंस ज़ोन में एक नया आधिकारिक आवास उपलब्ध कराया जाएगा। सरकारी विभाग इस नए आवास को तैयार करने में जुटा हुआ है। इसमें सुरक्षा, सुविधाएं और प्रोटोकॉल के सभी मानक पूरे किए जाएंगे। संभावना है कि अगले कुछ हफ्तों में धनखड़ नए आवास में शिफ्ट हो जाएंगे।
विपक्ष और जनता की प्रतिक्रिया
इस फैसले पर विपक्ष ने कोई विशेष टिप्पणी नहीं की है। वहीं, आम जनता का मानना है कि यह सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया है जो संवैधानिक पदों पर बैठे नेताओं के लिए समय-समय पर होती रहती है।

