रिया सिन्हा: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपनी छह दिवसीय अफ्रीकी यात्रा के पहले चरण में ऐतिहासिक दौरे के तहत अंगोला की राजधानी लुआंडा पहुंचीं। किसी भी भारतीय राष्ट्राध्यक्ष की यह अंगोला की पहली राजकीय यात्रा है, जो भारत और अंगोला के बीच राजनयिक संबंधों की 40वीं वर्षगांठ के अवसर पर हो रही है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा अफ्रीका और ग्लोबल साउथ के साथ साझेदारी को मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। अंगोला पहुंचने पर, राष्ट्रपति मुर्मू का वहां के विदेश मंत्री टेट एंटोनियो और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया।
द्विपक्षीय संबंधों को मिली नई ऊर्जा
राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने अंगोलाई समकक्ष जोआओ लौरेंको के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों नेताओं ने ऊर्जा, रक्षा, व्यापार, स्वास्थ्य, कृषि और डिजिटल प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। मुर्मू ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा में अंगोला की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया, क्योंकि भारत अंगोला के तेल और गैस का एक प्रमुख खरीदार है। बातचीत के दौरान, मत्स्य पालन, जलीय कृषि और समुद्री संसाधनों में सहयोग के साथ-साथ कांसुलर मामलों पर दो महत्वपूर्ण समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए।
‘वंदे भारत‘ ट्रेनें और कौशल विकास पर जोर
राष्ट्रपति मुर्मू ने तकनीकी सहयोग और ज्ञान साझा करने की संभावनाओं पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत में निर्मित ‘वंदे भारत’ हाई-स्पीड ट्रेनें भारतीय रेल क्षेत्र में क्रांति ला रही हैं और ऐसी आधुनिक ट्रेनें अंगोला को भी उपलब्ध कराई जा सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों में युवाओं की बड़ी आबादी को देखते हुए, भविष्य के लिए प्रासंगिक कौशल हासिल करना आवश्यक है। मुर्मू ने अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट एलायंस (IBCA) और वैश्विक जैव ईंधन एलायंस (GBA) में शामिल होने के अंगोला के निर्णय का स्वागत किया, जो वैश्विक सहयोग की दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
भारतीय समुदाय से मुलाकात और भविष्य की साझेदारी
अपनी यात्रा के दौरान, राष्ट्रपति मुर्मू ने अंगोला में रहने वाले भारतीय समुदाय के सदस्यों के साथ भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि भारत अंगोला की प्रगति में एक भरोसेमंद साझेदार बना रहेगा। यह ऐतिहासिक दौरा दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और सम्मान पर आधारित साझेदारी को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है, जिससे व्यापार, निवेश और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के नए रास्ते खुलेंगे। अंगोला के बाद, राष्ट्रपति मुर्मू अपनी यात्रा के दूसरे चरण के लिए बोत्सवाना के लिए रवाना होंगी।

