रिया सिन्हा:भारतीय वायुसेना (IAF) ने स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान (LCA) तेजस मार्क-1ए का पहला बैच प्राप्त कर लिया है। यह उपलब्धि भारत की आत्मनिर्भर रक्षा रणनीति की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा निर्मित यह अत्याधुनिक लड़ाकू विमान भारतीय वायुसेना की मारक क्षमता को और अधिक मजबूत करेगा।

तेजस मार्क-1ए को उन्नत एवियोनिक्स, आधुनिक रडार प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट और हवा से हवा में मार करने वाली लंबी दूरी की मिसाइलों से लैस किया गया है। इसके अतिरिक्त इसमें हवा से जमीन पर वार करने की भी क्षमता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह विमान चौथी पीढ़ी के लड़ाकू विमानों की श्रेणी में आता है और आने वाले वर्षों में भारतीय वायुसेना की रीढ़ साबित हो सकता है।

रक्षा मंत्रालय ने वर्ष 2021 में 48,000 करोड़ रुपये की लागत से कुल 83 तेजस मार्क-1ए विमानों की खरीद को मंजूरी दी थी। इनमें से पहले विमानों की डिलीवरी अब पूरी हो चुकी है। इस सौदे को स्वदेशी रक्षा उत्पादन को प्रोत्साहन देने और विदेशी हथियारों पर निर्भरता कम करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम माना गया था।

भारतीय वायुसेना के अधिकारियों का कहना है कि तेजस मार्क-1ए के शामिल होने से वायुसेना की परिचालन क्षमता में जबरदस्त बढ़ोतरी होगी। यह विमान न केवल पाकिस्तान और चीन जैसे पड़ोसी देशों की चुनौतियों का मुकाबला करने में सक्षम होगा, बल्कि भारतीय रक्षा उद्योग को भी वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाएगा।

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में तेजस भारतीय वायुसेना के बेड़े में मिग-21 जैसे पुराने विमानों की जगह लेगा। इस उपलब्धि से ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को भी गति मिलेगी और भारत आत्मनिर्भर भारत की दिशा में और मजबूत कदम बढ़ाएगा।

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