Muskan Garg: दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता गंभीर स्तर पर पहुंचते ही प्रशासन ने तुरंत प्रभाव से GRAP-4 (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान का सबसे सख्त चरण) लागू कर दिया है। बढ़ते प्रदूषण और गिरते एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) को देखते हुए यह फैसला लिया गया है, ताकि लोगों की सेहत पर पड़ रहे खतरे को कम किया जा सके।
क्या है GRAP-4 और क्यों है जरूरी?
GRAP यानी Graded Response Action Plan एक चरणबद्ध योजना है, जिसे वायु प्रदूषण के स्तर के अनुसार लागू किया जाता है। जब AQI “गंभीर” या “अति-गंभीर” श्रेणी में पहुंच जाता है, तब GRAP-4 लागू किया जाता है। यह सबसे कड़ा स्तर माना जाता है, जिसमें रोजमर्रा की कई गतिविधियों पर रोक लग जाती है।
GRAP-4 लागू होते ही क्या-क्या बंद होगा?
GRAP-4 के तहत अधिकांश निर्माण और तोड़-फोड़ कार्यों पर रोक लगा दी जाती है। इसके अलावा, ईंट-भट्ठों और प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर प्रतिबंध लगाया गया है, डीजल जनरेटर सेट का इस्तेमाल सीमित है और ट्रकों और भारी वाहनों का प्रवेश सीमित है। गैर-जरूरी भारी वाहनों को दिल्ली में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
स्कूल, दफ्तर और वर्क फ्रॉम होम:
प्रदूषण के असर को देखते हुए प्रशासन स्कूलों में ऑनलाइन कक्षाएं चलाने और दफ्तरों में वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने की सलाह देता है। इसका उद्देश्य सड़कों पर ट्रैफिक कम करना और लोगों के सीधे संपर्क में आने वाले प्रदूषण को घटाना है।
नागरिकों के लिए क्या है सलाह?
विशेषज्ञों का कहना है कि GRAP-4 के दौरान बुजुर्गों, बच्चों और सांस के मरीजों को खास सावधानी बरतनी चाहिए। बिना जरूरत घर से बाहर निकलने से बचें, मास्क का उपयोग करें और खुले में व्यायाम न करें। घर के अंदर एयर प्यूरीफायर या प्राकृतिक वेंटिलेशन पर ध्यान देना भी जरूरी है।
कब तक रहेगा GRAP-4 लागू?
GRAP-4 तब तक लागू रहेगा, जब तक दिल्ली-एनसीआर की हवा में सुधार नहीं दिखता और AQI गंभीर श्रेणी से नीचे नहीं आता। प्रशासन की नजर लगातार हालात पर बनी हुई है।
साफ हवा की उम्मीद:
GRAP-4 भले ही आम जिंदगी को कुछ समय के लिए मुश्किल बना दे, लेकिन इसका मकसद एक ही है, लोगों की सेहत की रक्षा। अब जरूरत है कि सरकार के साथ-साथ आम लोग भी सहयोग करें, ताकि दिल्ली-एनसीआर फिर से खुली सांस ले सके।
