रिया सिन्हा: दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में अगस्त 2025 के दौरान भारी बारिश और यमुना नदी के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए बाढ़ की संभावना जताई गई है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने पूर्वानुमान जारी करते हुए कहा है कि मानसून की सक्रियता इस बार सामान्य से अधिक रहेगी, जिससे क्षेत्र के कई हिस्सों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
यमुना नदी का बढ़ता जलस्तर
हरियाणा और उत्तराखंड में लगातार हो रही वर्षा के कारण यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुँच चुका है। अनुमान लगाया जा रहा है कि यदि बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो नदी का पानी निचले इलाकों में घुस सकता है। इससे खासतौर पर लोहे का पुल, मजनूं का टीला, यमुना बाजार और आसपास की बस्तियां प्रभावित हो सकती हैं।
प्रशासन की तैयारी
दिल्ली सरकार और एनसीआर के अन्य प्रशासनिक निकायों ने राहत और बचाव कार्यों के लिए विशेष टीमें तैयार कर दी हैं। एनडीआरएफ और स्थानीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को अलर्ट पर रखा गया है। संवेदनशील क्षेत्रों में अस्थायी शेल्टर होम बनाने और नावों की व्यवस्था करने की योजना पर काम शुरू हो चुका है।
नागरिकों को सतर्कता बरतने की अपील
प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें। निचले इलाकों के निवासियों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर उठाए गए कदम बाढ़ के असर को काफी हद तक कम कर सकते हैं।
अगस्त 2025 का यह पूर्वानुमान दिल्ली-एनसीआर के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है, लेकिन प्रशासन और नागरिकों के सामूहिक प्रयास से इस स्थिति का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकता है।

