Election commission cancels registration of 474 political parties

रिया सिन्हा: भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने एक बड़ा कदम उठाते हुए 474 पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों (RUPPs) का पंजीकरण रद्द कर दिया है। यह कार्रवाई उन दलों के खिलाफ की गई है जिन्होंने लगातार छह वर्षों तक कोई चुनाव नहीं लड़ा। इस निर्णय का उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही लाना है। इससे पहले, चुनाव आयोग ने अगस्त 2025 में 334 दलों का पंजीकरण रद्द किया था, जिससे अब तक कुल 808 राजनीतिक दलों को सूची से हटाया जा चुका है।

क्यों हुई कार्रवाई?

यह कार्रवाई जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29ए के तहत की गई है। इस अधिनियम के दिशा-निर्देशों के अनुसार, यदि कोई पंजीकृत राजनीतिक दल लगातार छह वर्षों तक कोई चुनाव लड़ने में विफल रहता है, तो उसे पंजीकृत दलों की सूची से हटा दिया जाना चाहिए। कई मामलों में, इन दलों के कार्यालयों का पता भी नहीं लगाया जा सका, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वे केवल कागजों पर ही मौजूद थे। ये “लेटर पैड पार्टियां” अक्सर कर छूट और अन्य सरकारी लाभों का दुरुपयोग करती हैं, जिससे चुनावी व्यवस्था की शुचिता प्रभावित होती है।

पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना

चुनाव आयोग का यह कदम चुनावी प्रणाली को साफ-सुथरा और विश्वसनीय बनाने की उसकी व्यापक रणनीति का हिस्सा है। इस तरह की कार्रवाई से न केवल पंजीकृत दलों की जवाबदेही सुनिश्चित होती है, बल्कि देश में एक स्वच्छ और पारदर्शी चुनावी प्रक्रिया को भी बढ़ावा मिलता है। यह भी बताया गया है कि 359 अन्य दलों के खिलाफ भी इसी तरह की कार्रवाई शुरू की गई है, जो यह दर्शाता है कि चुनाव आयोग चुनावी सुधारों को लेकर गंभीर है। इस कार्रवाई से यह सुनिश्चित होगा कि केवल सक्रिय और वास्तविक राजनीतिक दल ही चुनाव आयोग के रजिस्टर में रहें।

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