रिया सिन्हा: ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग द्विपक्षीय वार्ता के लिए बुधवार शाम को नई दिल्ली पहुंचीं। उनकी यह यात्रा भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) को और मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। विदेश मंत्रालय (MEA) के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और कहा कि यह दौरा दोनों देशों के संबंधों के विभिन्न आयामों को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान करेगा। वोंग का भारत आना दोनों देशों के बीच संबंधों की बढ़ती गति और ऑस्ट्रेलिया सरकार के निरंतर प्रयासों को दर्शाता है।
प्रमुख बैठक और फ्रेमवर्क डायलॉग
ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग आज, गुरुवार को अपने भारतीय समकक्ष डॉ. एस. जयशंकर के साथ 16वीं भारत-ऑस्ट्रेलिया विदेश मंत्री फ्रेमवर्क वार्ता (Foreign Ministers’ Framework Dialogue) की सह-अध्यक्षता करेंगी। यह उच्च-स्तरीय वार्ता हैदराबाद हाउस में निर्धारित है, जहाँ दोनों मंत्री “और भी महत्वाकांक्षी और भविष्य-उन्मुख एजेंडे” पर चर्चा करने के लिए उत्सुक हैं, जैसा कि वोंग ने खुद अपने बयान में कहा है। यह वार्ता दोनों देशों को रक्षा, सुरक्षा, व्यापार, शिक्षा, और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा और विस्तार करने का मौका देगी।
हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सहयोग और साझा दृष्टिकोण
इस वार्ता का एक महत्वपूर्ण केंद्र बिंदु हिंद-प्रशांत क्षेत्र (Indo-Pacific region) में सहयोग को गहरा करना है। दोनों देश इस क्षेत्र में एक शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध व्यवस्था के लिए एक साझा दृष्टिकोण रखते हैं। वोंग के अनुसार, व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत हमारा सहयोग इसी गहन समन्वय को दर्शाता है। यह मुलाकात क्वाड (Quad) समूह के सदस्य देशों के बीच तालमेल को और मजबूत करेगी, जिसका उद्देश्य नियम-आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था को बनाए रखना है। यह दौरा क्षेत्रीय और वैश्विक चुनौतियों पर समान विचार रखने वाले दो महत्वपूर्ण भागीदारों के बीच संबंधों को नई दिशा देने की उम्मीदों के साथ शुरू हो रहा है।

