Assam Chief Minister Himanta Biswa Sarma issues statement related to bangladesh threat

रिया सिन्हा: हाल ही में बांग्लादेश के कुछ कट्टरपंथी नेताओं और प्रदर्शनकारियों द्वारा भारत के पूर्वोत्तर राज्यों, विशेषकर चिकन नेक (सिलीगुड़ी कॉरिडोर) को काटने और भारत को अस्थिर करने की धमकियां दी गई थीं। इन भड़काऊ बयानों पर कड़ा रुख अपनाते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे भारत की संप्रभुता पर हमला करार देते हुए केंद्र सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने की बात कही है।

मुख्यमंत्री का कड़ा रुख: “धमकी बर्दाश्त नहीं की जाएगी”

हिमंत बिस्वा सरमा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि एक छोटा पड़ोसी देश भारत जैसे विशाल और शक्तिशाली राष्ट्र को डराने या तोड़ने का साहस कैसे कर सकता है? उन्होंने सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों के जरिए संदेश दिया कि इस तरह की गीदड़ भभकियों का अंत होना चाहिए। सरमा ने जोर देकर कहा कि बांग्लादेश को अपनी सीमाओं में रहना चाहिए और भारत की आंतरिक सुरक्षा के खिलाफ जहर उगलना बंद करना चाहिए।

असम और पूर्वोत्तर की सुरक्षा पर चिंता

मुख्यमंत्री ने कहा कि बांग्लादेश से आने वाली ये धमकियां सीधे तौर पर पूर्वोत्तर राज्यों की सुरक्षा को प्रभावित करती हैं। उन्होंने रेखांकित किया कि अगर कोई पड़ोसी देश भारत के नक्शे को बदलने या किसी हिस्से को अलग करने की बात करता है, तो उसे ‘सबक सिखाना’ जरूरी हो जाता है। उनके अनुसार, शांति की भाषा केवल तब तक प्रभावी है जब तक सामने वाला पक्ष मर्यादा न लांघे। सरमा ने पूर्वोत्तर के लोगों को आश्वस्त किया कि उनकी सुरक्षा सर्वोपरि है।

केंद्र से कठोर कार्रवाई की मांग

सरमा ने विदेश मंत्रालय और केंद्र सरकार से अपील की है कि इन बयानों को हल्के में न लिया जाए। उन्होंने सुझाव दिया कि भारत को अपनी कूटनीतिक और सुरक्षा रणनीति में बदलाव करना चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी देश इस तरह की दुस्साहस भरी बातें न कर सके। उन्होंने कहा कि भारत एक शांतिप्रिय देश है, लेकिन अगर कोई हमारी अखंडता को चुनौती देगा, तो उसे उसकी भाषा में ही जवाब दिया जाएगा।

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