रिया सिन्हा

दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का सरकारी आवास, जिसे विपक्ष ने ‘शीशमहल’ नाम दिया था। अब स्टेट गेस्ट हाउस में तब्दील होने जा रहा है। दिल्ली सरकार (भाजपा) ने इस विवादास्पद बंगले को सार्वजनिक उपयोग में लाने का प्रस्ताव तैयार कर लिया है और अब इसे अंतिम मंजूरी मिलने का इंतजार है। यह वही बंगला है जिसके नवीनीकरण (रेनोवेशन) पर कथित तौर पर भारी खर्च को लेकर विवाद खड़ा हुआ था और विपक्ष ने इसे भ्रष्टाचार का केंद्र बताया था।

जनता के लिए खुलेंगी ये सुविधाएँ

सिविल लाइंस स्थित फ्लैगस्टाफ रोड पर बंगला नंबर 6 को राज्य गेस्ट हाउस के रूप में विकसित करने की योजना है। इस गेस्ट हाउस में कई नई सुविधाएँ जोड़ी जाएंगी। इनमें एक कैफेटेरिया या फूड आउटलेट भी शामिल होगा, जिसमें आम जनता भी जा सकेगी और पारंपरिक व्यंजनों का आनंद ले सकेगी। इसके अलावा, एक पार्किंग स्थल और वेटिंग हॉल भी बनाया जाएगा। सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह फैसला विवाद से घिरी संपत्ति को सार्वजनिक उपयोग में लाने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम है।

अधिकारियों और मंत्रियों के लिए उपयोग

यह नया स्टेट गेस्ट हाउस दूसरे राज्यों के गेस्ट हाउसों की तरह काम करेगा। यहां अधिकारी और मंत्री अपनी बैठकें कर सकेंगे, और प्रशिक्षण कार्यशालाएं भी आयोजित की जा सकेंगी। ठहरने और इन सुविधाओं के इस्तेमाल के लिए उनसे नियमानुसार भुगतान लिया जाएगा। सरकार ने पहले इस बंगले को केंद्र सरकार को सौंपने का भी प्रस्ताव दिया था, लेकिन केंद्र से कोई जवाब नहीं मिलने के बाद अब इसे स्टेट गेस्ट हाउस बनाने की तैयारी है।

विवाद और सीबीआई जाँच

यह ध्यान देने योग्य है कि इस बंगले के निर्माण और नवीनीकरण पर हुए खर्च को लेकर उठे विवाद के बाद सीबीआई (CBI) इस मामले की जाँच कर रही है। उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना के निर्देश पर 2022 में यह जाँच शुरू हुई थी। फिलहाल, यह खाली पड़ा बंगला दिल्ली सरकार के पास है और इसकी देखभाल के लिए लगभग 10 कर्मचारी तैनात हैं।

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