Baljinder Kaur: मौसम का बदलना जितना सुहावना लगता है, उतना ही यह सेहत के लिए चुनौतीपूर्ण भी हो सकता है। सर्दी से गर्मी या गर्मी से सर्दी के बीच का समय शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) की परीक्षा लेता है। इस दौरान सर्दी-जुकाम, वायरल बुखार, खांसी, गले में खराश और एलर्जी जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ती हैं। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को इस समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है। कुछ आसान आदतें अपनाकर आप बदलते मौसम में खुद को स्वस्थ रख सकते हैं।
क्यों बढ़ती हैं बीमारियां?
मौसम बदलने पर तापमान में उतार-चढ़ाव होता है, जिससे शरीर को खुद को ढालने में समय लगता है। इसके अलावा धूल और प्रदूषण भी एलर्जी और सांस से जुड़ी दिक्कतों को बढ़ा सकते हैं।
इम्यूनिटी मजबूत बनाना है जरूरी
बदलते मौसम में सबसे जरूरी है शरीर की इम्यूनिटी क्षमता को मजबूत रखना। इसके लिए अपने खानपान में विटामिन-सी से भरपूर फल जैसे संतरा, अमरूद, नींबू और आंवला शामिल करें। हरी सब्जियां, दालें और सूखे मेवे भी शरीर को जरूरी पोषण देते हैं। हल्दी वाला दूध, अदरक-तुलसी की चाय और गुनगुना पानी पीना भी फायदेमंद होता है। ये घरेलू उपाय संक्रमण से बचाने में मदद करते हैं।
खानपान और दिनचर्या का रखें ध्यान
इस समय ठंडी या बासी चीजें खाने से बचें। बाहर का जंक फूड कम से कम लें, क्योंकि इससे पाचन तंत्र कमजोर हो सकता है। पर्याप्त पानी पीना न भूलें, भले ही प्यास कम लगे।
रोजाना कम से कम 7-8 घंटे की नींद लें और हल्की-फुल्की एक्सरसाइज या योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करें। सुबह की धूप लेना भी शरीर के लिए लाभकारी होता है।
साफ-सफाई है सबसे बड़ा बचाव
हाथों को नियमित रूप से साबुन से धोना, भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का उपयोग करना और घर को साफ-सुथरा रखना संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी है। बच्चों को बाहर से आने के बाद हाथ-पैर धोने की आदत जरूर सिखाएं।
कब लें डॉक्टर की सलाह?
अगर बुखार तीन दिन से ज्यादा रहे, सांस लेने में तकलीफ हो या लगातार खांसी बनी रहे तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। बदलते मौसम में थोड़ी-सी सावधानी आपको बड़ी बीमारियों से बचा सकती है। संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और साफ-सफाई—ये चार आसान कदम आपकी सेहत की मजबूत ढाल बन सकते हैं।
