Baljinder Kaur: आजकल बच्चों और युवाओं में ठंडा ड्रिंक और च्युइंग गम का चलन बहुत बढ़ गया है। यह न केवल मुँह को मीठा और ताज़गी भरा महसूस कराता है, बल्कि इसका स्वाद हमारे दिल और दिमाग पर भी असर डाल सकता है। खासकर इन उत्पादों में मिलने वाले Artificial Sweetener जो मीठा स्वाद देते हैं, हमारे शरीर के लिए धीरे-धीरे नुकसानदायक साबित हो सकते हैं।
मीठा स्वीटनर क्या है?
मीठा स्वीटनर वे रसायन हैं जो चीनी से ज्यादा मीठे होते हैं लेकिन कैलोरी बहुत कम होती है। इन्हें अक्सर Diet Coke, Cold Drinks, Chewing Gum, Sugar-free Chocolates आदि में इस्तेमाल किया जाता है। इनका उद्देश्य मीठा स्वाद देना है बिना मोटापा बढ़ाए। लेकिन यह मीठा स्वाद हमारे शरीर के लिए हमेशा सुरक्षित नहीं है।
हाल की रिसर्च में पता चला है कि ठंडा ड्रिंक और च्युइंग गम में इस्तेमाल होने वाला मीठा स्वीटनर बच्चों और युवाओं के दिल और दिमाग के लिए धीरे-धीरे नुकसान पहुंचा सकता है।
दिल पर प्रभाव
स्वीटनर और ठंडा ड्रिंक हमारे दिल पर भी असर डालते हैं। इनमें फॉस्फोरिक एसिड और उच्च मात्रा में शुगर होते हैं, जो लंबे समय तक सेवन करने पर दिल की धड़कन को असंतुलित कर सकते हैं। नियमित रूप से ज्यादा सेवन करने से ब्लड प्रेशर बढ़ना, कोलेस्ट्रॉल की समस्या, और हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ जाता है।
दिमाग पर असर
आपको लगता है कि मीठा सिर्फ स्वाद बढ़ाता है, लेकिन यह दिमाग को भी प्रभावित करता है। कई अध्ययन बताते हैं कि अत्यधिक स्वीटनर और शुगर का सेवन दिमाग की स्मृति, ध्यान और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। इसके कारण स्मृति कमजोर होना, थकान और मानसिक अस्थिरता जैसी समस्याएँ भी बढ़ सकती हैं।
च्युइंग गम और ठंडा ड्रिंक का नुकसान
दांतों की समस्या – इनमें मौजूद एसिड और स्वीटनर दांतों की सतह को कमजोर कर सकते हैं।
पाचन संबंधी परेशानी – बार-बार गम चबाने या ड्रिंक पीने से पेट में गैस, एसिडिटी और अपच की समस्या हो सकती है।
हड्डियों की कमजोरी – फॉस्फोरिक एसिड हड्डियों से कैल्शियम निकाल सकता है, जिससे हड्डियां कमजोर होती हैं।
सुरक्षित विकल्प
ठंडा ड्रिंक और गम का आनंद लेना आसान है लेकिन यदि इसे सीमित मात्रा में और सावधानीपूर्वक इस्तेमाल किया जाए तो नुकसान कम होता है।
पानी, नींबू पानी और फलों का जूस लेना बेहतर विकल्प है।
गम के बजाय फलों या मेवे को चबाना फायदेमंद है।
बच्चों को हमेशा स्वीटनर वाले उत्पादों के अत्यधिक सेवन से बचाना चाहिए।
