Baljinder Kaur: आजकल सेहत को लेकर लोग पहले से कहीं ज़्यादा सजग हो गए हैं। वजन कम करने, कोलेस्ट्रॉल घटाने या फिट रहने के चक्कर में कई लोग अपने खाने से घी और तेल पूरी तरह छोड़ने का फैसला कर लेते हैं। लेकिन सवाल यह है—क्या घी और तेल को बिल्कुल छोड़ देना सच में सेहत के लिए सही है, या इससे शरीर को नुकसान हो सकता है?
घी और तेल क्यों ज़रूरी हैं?
घी और तेल फैट का मुख्य स्रोत हैं। फैट को अक्सर गलत समझा जाता है जबकि शरीर के लिए यह बहुत ज़रूरी पोषक तत्व है।
शरीर को ऊर्जा देता है।
विटामिन A, D, E और K को शरीर में अवशोषित करने में मदद करता है।
त्वचा और बालों को स्वस्थ रखता है।
घी खासतौर पर आयुर्वेद में पाचन सुधारने और इम्युनिटी बढ़ाने वाला माना गया है।
अगर घी-तेल पूरी तरह छोड़ दें तो क्या नुकसान हो सकते हैं?
घी और तेल को बिल्कुल बंद कर देना कई बार फायदे की जगह नुकसान पहुंचा सकता है।
शरीर में कमजोरी और थकान महसूस होना।
हार्मोन असंतुलन की समस्या।
त्वचा रूखी और बाल कमजोर होना।
बच्चों और महिलाओं में पोषण की कमी।लंबे समय में इम्युनिटी कमजोर होना यानी फैट की कमी भी उतनी ही खतरनाक है जितनी ज़्यादा फैट।
क्या घी और तेल के कोई फायदे नहीं?
यह भी सच है कि बहुत ज़्यादा घी और तेल खाना नुकसानदेह हो सकता है।
मोटापा बढ़ सकता है।
कोलेस्ट्रॉल और दिल की बीमारियों का खतरा।
समस्या घी-तेल में नहीं बल्कि अधिक मात्रा और गलत तरीके में है।
समाधान क्या है
सेहत के लिए सबसे अच्छा रास्ता है—संतुलन।
रोज़ाना 1–2 चम्मच घी या सीमित मात्रा में तेल पर्याप्त है।
सरसों का तेल, मूंगफली तेल या देसी घी बेहतर विकल्प हैं।
तले-भुने खाने से बचें।
अगर कोई बीमारी जैसे हार्ट प्रॉब्लम है तो डॉक्टर की सलाह ज़रूर लें।
घी और तेल को पूरी तरह छोड़ना न तो ज़रूरी है और न ही फायदेमंद। शरीर को सही मात्रा में अच्छे फैट की जरूरत होती है। सेहत का रास्ता छोड़ने से नही बल्कि सही मात्रा अपनाने से होकर जाता है।
