रिया सिन्हा
मध्य प्रदेश और राजस्थान के बाद अब तमिलनाडु में भी एक कफ सिरप के नमूने जांच में फेल हो गए हैं। इस सिरप को पीने से हुई बच्चों की मौतों की आशंका के चलते तमिलनाडु सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। सरकार ने तत्काल प्रभाव से कफ सिरप ‘कोल्ड्रिफ’ (Coldrif) के उत्पादन पर रोक लगा दी है।
बाज़ार से सिरप हटाने के निर्देश
तमिलनाडु के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने ‘कोल्ड्रिफ’ सिरप की बिक्री पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। विभाग ने सभी औषधि निरीक्षकों को आदेश दिया है कि इस सिरप को तुरंत बाज़ार से हटा लिया जाए और जहां भी स्टॉक मौजूद है, उसे अगले आदेश तक फ्रीज कर दिया जाए। कांचीपुरम जिले के उत्पादन प्लांट का निरीक्षण करने के बाद नमूने एकत्र किए गए थे।
किडनी टॉक्सिन की जांच
यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि मध्य प्रदेश और राजस्थान में इसी कफ सिरप के सेवन से बच्चों की मौतें किडनी फेलियर के संदिग्ध मामलों से जुड़ी हैं। अधिकारियों ने बताया कि नमूनों को सरकारी लैब में ‘डायएथिलीन ग्लाइकॉल’ (Diethylene Glycol) जैसे जहरीले केमिकल की मौजूदगी की जांच के लिए भेजा गया है। लैब रिपोर्ट आने तक संबंधित कंपनी को उत्पादन बंद रखने का आदेश दिया गया है। कंपनी की दवाइयाँ मध्य प्रदेश, राजस्थान और पुड्डुचेरी में भी सप्लाई होती हैं। केंद्र सरकार भी इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।
