Baljinder Kaur: आज के समय में एंटीबायोटिक्स का इस्तेमाल बहुत आम हो गया है। हल्का बुखार, सर्दी-खांसी या गले में दर्द होते ही लोग बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक लेना शुरू कर देते हैं। जबकि सच्चाई यह है कि ज़्यादा या गलत तरीके से एंटीबायोटिक लेने से शरीर को फायदा नहीं बल्कि नुकसान हो सकता है। यह आदत धीरे-धीरे एक गंभीर स्वास्थ्य संकट का कारण भी बन सकती है।
एंटीबायोटिक्स क्या होती हैं?
एंटीबायोटिक्स ऐसी दवाइयाँ होती हैं जो बैक्टीरिया से होने वाले संक्रमण को खत्म करने में मदद करती हैं। ये दवाइयाँ केवल बैक्टीरियल इंफेक्शन पर असर करती हैं न कि वायरल बीमारियों जैसे सर्दी, फ्लू या खांसी पर। इसके बावजूद लोग हर बीमारी में इनका इस्तेमाल करने लगते हैं जो गलत है।
ज़्यादा एंटीबायोटिक्स लेने से होने वाले खतरे
1. एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस का खतरा
सबसे बड़ा खतरा है एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस। जब बार-बार या बिना ज़रूरत एंटीबायोटिक ली जाती है, तो बैक्टीरिया उन दवाइयों के खिलाफ मजबूत हो जाते हैं। फिर भविष्य में वही दवाइयाँ असर करना बंद कर देती हैं। इससे गंभीर संक्रमण का इलाज मुश्किल हो जाता है।
2. इम्युनिटी कमजोर होना
ज़्यादा एंटीबायोटिक्स लेने से शरीर की प्राकृतिक रोग-प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) कमजोर हो जाती है। शरीर खुद बीमारियों से लड़ने में असमर्थ होने लगता है और छोटी-छोटी बीमारियाँ भी बड़ी बन सकती हैं।
3. पेट और पाचन से जुड़ी समस्याएँ
एंटीबायोटिक्स पेट के अच्छे बैक्टीरिया को भी मार देती हैं। इससे दस्त, उल्टी, गैस, पेट दर्द और अपच जैसी समस्याएँ हो सकती हैं। लंबे समय तक इसका असर पाचन तंत्र पर पड़ता है।
4. एलर्जी और साइड इफेक्ट्स
कुछ लोगों को एंटीबायोटिक्स से एलर्जी हो सकती है। इसके लक्षणों में त्वचा पर रैशेज, खुजली, सूजन या सांस लेने में तकलीफ शामिल है। कई बार ये साइड इफेक्ट्स जानलेवा भी हो सकते हैं।
एंटीबायोटिक्स का सही इस्तेमाल कैसे करें?
1. डॉक्टर की सलाह ज़रूरी
बिना डॉक्टर की सलाह के कभी भी एंटीबायोटिक न लें। हर बीमारी में इसकी ज़रूरत नहीं होती।
2. पूरा कोर्स करें
अगर डॉक्टर ने एंटीबायोटिक दी है तो उसका पूरा कोर्स जरूर पूरा करें। बीच में दवा छोड़ने से संक्रमण पूरी तरह खत्म नहीं होता।
3. वायरल बीमारी में न लें
सर्दी, खांसी, फ्लू जैसी वायरल बीमारियों में एंटीबायोटिक लेने से कोई फायदा नहीं होता।
एंटीबायोटिक्स जीवन रक्षक दवाइयाँ हैं, लेकिन इनका गलत और ज़्यादा इस्तेमाल हमारे लिए ही खतरा बन सकता है। थोड़ी-सी सावधानी और सही जानकारी से हम खुद को और समाज को एक बड़े स्वास्थ्य संकट से बचा सकते हैं।
