आदेश चौहान: नेपाल में सोशल मीडिया बैन के खिलाफ शुरू हुआ प्रोटेस्ट केवल 48 घंटे में बेकाबू हो गया. नेपाल के युवाओं का विरोध प्रदर्शन केवल सोशल मीडिया तक सीमित नहीं था. नेपाल के युवा भ्रष्टाचार, भाई भतीजावाद और बेरोजगारी के विरोध में तमाम सोशल मीडिया प्लेटफार्म जैसे व्हाट्सएप ,फेसबुक ,इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफार्म पर ओली सरकार के खिलाफ डिजिटल प्रदर्शन कर रहे थे.

सोशल मीडिया बैन ने युवाओं के विरोध प्रदर्शन को, डिजिटल से सड़क में लाने का काम किया

अगस्त के मध्य में नेपाल सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा के नाम पर फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सएप समेत 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगा दिया, जिससे नेपाल के युवा भड़क गए और सोशल मीडिया के बेन के विरोध में सड़को पर आ गए .

युवाओं की मौत ने प्रदर्शनकारियों को हिंसक बनाया

8 सितंबर को प्रदर्शनकारी नेपाल के संसद भवन में घुसपैठ की कोशिश कर रहे थे, इसी दौरान प्रदर्शनकारियों की झड़प पुलिस से हुए, जिसमें 22 युवाओं की गोली लगने से मौत हो गई,100 से ज्यादा लोग घायल हो गए . गोली मारने का आदेश देना, 22 लोगों की मौत को देखते हुए, प्रदर्शनकारियो ने हिंसक प्रदर्शन करना शुरू कर दिया .

सोशल मीडिया से बेन हटा,प्रधानमंत्री का इस्तीफा

दबाव बढ़ने पर ओली सरकार ने सोशल मीडिया बैन खत्म कर दिया, फिर भी प्रदर्शनकारी शांत नहीं हुए. पीएम ओली ने सेना के कहने पर इस्तीफा दे दिया. उनसे पहले गृह मंत्री रमेश लेखक, कृषि मंत्री राम नाथ अधिकारी, स्वास्थ्य मंत्री प्रदीप पौडेल और राष्ट्रिय स्वतंत्र पार्टी के 21 सांसदों ने नैतिक जिम्मेदारी के तहत इस्तीफ़ा दे दिया था.

बैन वापस लेने पर भी नहीं रुका प्रदर्शन

इस वक्त नेपाल का संसद भवन, राष्ट्रपति भवन, सुप्रीम कोर्ट और मंत्रियों के दफ्तर प्रदर्शनकारियों के कब्जे में हैं और सभी को आग के हवाले किया जा चुका है.

नेताओं और मंत्रियों पर भी हुए जानलेवा हमले

प्रदर्शनकारियों ने पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा और उनकी पत्नी आरजू राणा देउबा पर हमला किया. आरजू राणा देउबा नेपाल की विदेश मंत्री हैं और सुबह तक कहा जा रहा था कि उन्हें नेपाल की सेना किसी सुरक्षित जगह पर ले जाने वाली है. लेकिन इससे पहले ही भीड़ ने उन पर और पूर्व प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा के साथ मारपीट की.

पूर्व प्रधानमंत्री की पत्नी की मौत

सबसे बड़ी घटना काठमांडू में पूर्व प्रधानमंत्री झालानाथ खनाल के घर पर हुई, जहां प्रदर्शनकारियों ने उनकी पत्नी राज्यलक्ष्मी को बुरी तरह पीटा और इसके बाद उनके घर में आग लगा दी. नेपाल का मीडिया बता रहा है कि इस घटना में पूर्व प्रधानमंत्री की पत्नी घायल होने के बाद बुरी तरह जल भी गई थीं और जब उन्हें अस्पताल ले जाया गया तो वहां उनकी इलाज से पहले ही मौत हो गई.

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