रिया सिन्हा: टीवी जगत के जाने-माने अभिनेता अर्जुन बिजलानी का जीवन संघर्ष और दृढ़ संकल्प की एक प्रेरणादायक कहानी है। आज वह एक सफल और लोकप्रिय चेहरा हैं, लेकिन उनके लिए यह राह कभी आसान नहीं रही। हाल ही में एक इंटरव्यू में, अर्जुन ने अपने जीवन के उन कठिन दिनों को याद किया जब उनके परिवार को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ा था। उनकी यह कहानी ज़मीन से उठकर सुपरस्टार बनने वाले उन अभिनेताओं में से एक है, जिन्होंने अपनी मेहनत और लगन से अपनी जगह बनाई।
19 साल की उम्र में टूटा मुसीबतों का पहाड़
अर्जुन बिजलानी ने बताया कि जब वह सिर्फ 19 साल के थे, तभी उनके सिर से पिता का साया उठ गया था। पिता के अचानक निधन ने उनके परिवार को रातों-रात कंगाल कर दिया। अच्छे-खासे घर और बचपन की शानदार यादों के बीच, यह घटना एक भयानक मोड़ लेकर आई। इस मुफलिसी के दौर में, उन्हें और उनके परिवार को भारी पैसों की तंगी झेलनी पड़ी। स्थिति इतनी खराब हो गई कि उन्हें न केवल अपनी कारें बेचनी पड़ीं, बल्कि जिस 2BHK घर में उनकी बचपन की अच्छी यादें थीं, उसे भी बेचना पड़ा।
घर बेचकर मलाड़ में शिफ्टिंग और अभिनय की शुरुआत
पिता के जाने के बाद परिवार को अपना घर बेचकर एक नई जगह, मलाड़ में शिफ्ट होना पड़ा, जिसके बारे में अर्जुन ने पहले कभी सुना भी नहीं था। पिता की ख्वाहिश थी कि अर्जुन एमबीए करें और बिजनेस संभालें, लेकिन मुश्किल हालात में उन्हें खुद की राह चुननी पड़ी। 20 साल की उम्र के बाद, उन्हें पैसे की सख्त जरूरत थी, जिसके चलते उन्होंने मॉडलिंग शुरू की। 22 साल की उम्र में, उन्हें बालाजी प्रोडक्शंस का अपना पहला एक्टिंग असाइनमेंट मिला, जिसने उनके एक्टिंग करियर की शुरुआत की। इस ब्रेक के बाद ही उन्होंने टीवी की दुनिया में अपनी पहचान बनाई और संघर्षों को पीछे छोड़ते हुए आज वह लाखों दिलों पर राज कर रहे हैं।

