रिया सिन्हा: बॉलीवुड अभिनेता शाहिद कपूर और उनकी पत्नी मीरा राजपूत की राधा स्वामी सत्संग ब्यास (RSSB) में गहरी आस्था है। हाल ही में एक इंटरव्यू में, शाहिद ने खुलासा किया कि ब्यास उनके और उनके परिवार के लिए कितनी महत्वपूर्ण जगह है। उन्होंने बताया कि यह सिर्फ एक धार्मिक केंद्र नहीं, बल्कि उनके लिए दूसरा घर है। मीरा के माता-पिता का पहले से ही वहां घर है, और उन्होंने भी ब्यास नदी के किनारे एक और घर बनवाया है। शाहिद ने इस जगह को मुंबई वाले घर से भी ज्यादा प्यारा बताया है।
ब्यास नदी किनारे बनवाया अपना आशियाना
शाहिद ने बताया कि वह और मीरा अक्सर ब्यास जाते रहते हैं। उनके लिए यह जगह सुकून और शांति का पर्याय है, जहाँ उन्हें ‘सब कुछ मिल जाता है’। उन्होंने कहा, “हम ब्यास अक्सर जाते हैं। मीरा के माता-पिता का वहां घर है, और हमारा भी। हमें वहां सब कुछ मिल जाता है। वो हमारे दिल के बहुत करीब है। पूरी दुनिया में उससे प्यारी जगह कोई नहीं।” इस जोड़े की मुलाकात भी राधा स्वामी सत्संग ब्यास के माध्यम से ही हुई थी, जहाँ दोनों के परिवार गहरे आस्थावान हैं। उनकी यह गहरी आस्था ही उनके रिश्ते की नींव बनी।
मुंबई से भी ज्यादा प्यारा, सुकून का केंद्र
शाहिद ने यह भी बताया कि 19 साल की उम्र में शाकाहारी बनने के बाद 25 साल की उम्र में उन्होंने नाम (दीक्षा) लिया था। वह कहते हैं कि मीरा की उनके गुरु के प्रति अटूट आस्था उन्हें बहुत आकर्षित करती है। वह मीरा की सरलता और उनके पारिवारिक संस्कारों की भी सराहना करते हैं। यह जोड़ा अपने बच्चों, मीशा और ज़ैन, के साथ भी अक्सर ब्यास जाता है, जहाँ उन्हें एक साधारण और जमीनी जीवन जीने का मौका मिलता है, जो उनकी आध्यात्मिक यात्रा को और भी मजबूत बनाता है।

