रिया सिन्हा:भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने आईसीसी विश्व कप जीतकर पूरे देश को एक ऐसा ऐतिहासिक पल दिया, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। इन्हीं में से एक हैं अभिनेत्री और पूर्व स्टेट-लेवल क्रिकेटर सैयामी खेर, जो इस जीत पर अपने जज्बात नहीं रोक पाईं। सैयामी ने टीम को बधाई देते हुए एक भावुक पोस्ट साझा किया, जिसमें उन्होंने महिला क्रिकेट के प्रति अपने बचपन के जुनून और संघर्ष को याद किया। उन्होंने बताया कि जब नीली जर्सी वाली लड़कियों ने ट्रॉफी उठाई, तो उनकी आँखें खुशी से नम हो गईं, क्योंकि यह जीत सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि लाखों लड़कियों के सपनों की जीत है।
क्रिकेट के लिए शुरुआती संघर्ष
सैयामी खेर का क्रिकेट के प्रति प्यार महज़ आठ साल की उम्र में शुरू हुआ था, जब वह अपने पिता के साथ ‘द मास्टर’ (सचिन तेंदुलकर) को बल्लेबाजी करते देखती थीं। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने लड़कों से कहा कि वह भी उनके साथ खेलना चाहती हैं, तो वे हंसने लगते थे। यह हंसी तब रुकी जब उन्होंने गेंद उठाकर उन्हें एक-एक करके आउट कर दिया। सैयामी ने अपने पोस्ट में लिखा कि सालों बाद भी उन्हें ऐसे कमरों में बैठने पर वही “मुस्कान” मिलती थी, जहां लोग सोचते थे कि एक महिला को क्रिकेट के बारे में क्या पता होगा। यह मुस्कान महिला खिलाड़ियों के अदृश्य संघर्ष को दर्शाती है।
सपनों के पूरा होने का चक्र
अभिनेत्री ने बताया कि फाइनल मैच देखने के दौरान उन्हें ऐसा महसूस हुआ जैसे जीवन का एक चक्र पूरा हो गया हो। उन्होंने उस स्टेडियम का भी उल्लेख किया, जहां उन्होंने अपनी क्रिकेट-आधारित फिल्म ‘घूमर’ की शूटिंग की थी, और वहीं पर अपनी “लड़कियों” को ट्रॉफी उठाते देखना उनके लिए अत्यंत खास था। सैयामी ने कहा कि महिला खिलाड़ियों ने साबित कर दिया है कि यह खेल हर उस व्यक्ति का है, जो इससे प्यार करता है। यह जीत न केवल भारतीय महिला क्रिकेट को नई ऊंचाइयों पर ले गई है, बल्कि उन परिवारों के लिए भी एक गर्व का क्षण है, जो अपनी बेटियों के साथ खड़े रहे।

