रिया सिन्हा: भारतीय सिनेमा में अपनी खास पहचान बनाने वाली एक दिग्गज अभिनेत्री ने हाल ही में निर्देशक आदित्य धर की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा कि आदित्य धर ने ‘उरी: द सर्जिकल स्ट्राइक’ जैसी फिल्म बनाकर न केवल बॉक्स ऑफिस के समीकरण बदले, बल्कि भारतीय सिनेमा पर एक बड़ा ‘एहसान’ भी किया है। अभिनेत्री के अनुसार, आदित्य ने यह साबित कर दिया कि बिना किसी फालतू शोर-शराबे और फिजूलखर्ची के भी एक विश्वस्तरीय तकनीकी फिल्म बनाई जा सकती है। उनके इस बयान ने सोशल मीडिया पर फिल्म प्रेमियों के बीच एक नई चर्चा छेड़ दी है।
कैसे बदला बॉलीवुड का पुराना ट्रेंड: अभिनेत्री का बड़ा खुलासा
इंटरव्यू के दौरान अभिनेत्री ने बताया कि कैसे आदित्य धर ने बॉलीवुड में चल रहे घिसे-पिटे ट्रेंड्स को चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि पहले युद्ध और देशभक्ति पर आधारित फिल्मों को बहुत ज्यादा ड्रामेटिक और मेलोड्रामेटिक बनाया जाता था, लेकिन आदित्य ने ‘रियलिज्म’ और ‘टेक्निकल परफेक्शन’ का एक नया दौर शुरू किया। उनके निर्देशन में जो बारीकियां दिखती हैं, उन्होंने आने वाले युवा डायरेक्टर्स के लिए एक बेंचमार्क सेट कर दिया है। अब दर्शक केवल सितारों को नहीं, बल्कि कहानी और उसकी प्रेजेंटेशन को महत्व दे रहे हैं, जिसका श्रेय काफी हद तक आदित्य को जाता है।
‘द इम्मोर्टल अश्वत्थामा’ और भविष्य की उम्मीदें
आदित्य धर के आने वाले प्रोजेक्ट्स को लेकर भी अभिनेत्री ने अपनी उत्सुकता जाहिर की। उन्होंने चर्चा की कि कैसे उनकी अगली बड़ी फिल्म ‘द इम्मोर्टल अश्वत्थामा’ को लेकर भी आदित्य काफी गंभीर हैं और भारतीय पौराणिक कथाओं को आधुनिक सिनेमाई अनुभव के साथ पेश करने का साहस रखते हैं। अभिनेत्री का मानना है कि ऐसे विजनरी डायरेक्टर ही भारतीय सिनेमा को वैश्विक स्तर पर हॉलीवुड के समकक्ष खड़ा कर सकते हैं। सिनेमा जगत में अब कंटेंट को ही असली ‘किंग’ माना जा रहा है, और आदित्य इस बदलाव के ध्वजवाहक बनकर उभरे हैं।
ग्लोबल लेवल पर भारतीय कहानियों की नई पहचान
अंत में अभिनेत्री ने जोर देकर कहा कि आदित्य धर जैसे निर्देशकों के कारण ही आज की पीढ़ी अपनी जड़ों और इतिहास से जुड़ रही है। सिनेमा अब केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि गर्व महसूस करने का जरिया बन गया है। इस ‘धुरंधर’ एक्ट्रेस के बयानों ने यह साफ कर दिया है कि इंडस्ट्री के भीतर भी अब काम करने के पुराने तरीकों को बदला जा रहा है और टैलेंट को सबसे ऊपर रखा जा रहा है। आदित्य की सफलता दरअसल उन सभी नए फिल्ममेकर्स की जीत है जो कुछ अलग करने का जज्बा रखते हैं।

