रिया सिन्हा: बॉलीवुड अभिनेत्री दीपिका पादुकोण का स्किनकेयर ब्रांड 82°E वित्तीय वर्ष 2024-25 (FY25) में घाटे में रहा है। कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय (MCA) को सौंपी गई फाइलिंग के अनुसार, ब्रांड को इस वित्त वर्ष में करीब ₹12.26 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ है। हालांकि यह घाटा पिछले वर्ष के ₹23.4 करोड़ की तुलना में लगभग 47% कम है, लेकिन कंपनी का राजस्व (Revenue) भी 30% गिरकर ₹14.7 करोड़ रह गया है। यह आंकड़ा बताता है कि कंपनी को अभी भी मुनाफे में लौटने के लिए एक लंबी राह तय करनी है। ब्रांड की पैरेंट फर्म DPKA यूनिवर्सल कंज्यूमर वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड ने घाटे को कम करने के लिए लागत में बड़ी कटौती की है, जिसमें मार्केटिंग खर्चों में 78% की भारी कमी शामिल है।
महंगे उत्पाद और कड़ी प्रतिस्पर्धा: बिक्री में गिरावट का कारण
ब्रांड 82°E को मिड-प्रीमियम सेगमेंट में स्थापित किया गया है, जिसके अधिकांश प्रोडक्ट्स की कीमत ₹2,500 से ₹4,000 के बीच है। बाजार के जानकारों का मानना है कि इन महंगे उत्पादों (Expensive Products) के कारण ही ब्रांड को अपेक्षित सफलता नहीं मिल पाई है। सोशल मीडिया पर दीपिका की स्टार पावर और व्यापक प्रचार के बावजूद, यह ब्रांड ग्राहकों को आकर्षित करने में संघर्ष कर रहा है। इसे Foxtale, mCaffeine और Plum जैसे कम कीमत वाले लेकिन अच्छी गुणवत्ता वाले डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर (D2C) ब्रांड्स से कड़ी प्रतिस्पर्धा मिल रही है। वहीं, लग्जरी सेगमेंट में Estée Lauder और L’Occitane जैसे अंतर्राष्ट्रीय दिग्गज पहले से ही मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं।
बड़े प्रोजेक्ट्स से बाहर: ‘कल्कि 2898 AD’ के सीक्वल और ‘स्पिरिट‘
प्रोफेशनल फ्रंट पर भी दीपिका पादुकोण को हाल के दिनों में झटके लगे हैं। उन्हें ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘कल्कि 2898 AD’ के सीक्वल से बाहर कर दिया गया है। मेकर्स ने घोषणा करते हुए कहा कि यह प्रोजेक्ट कमिटमेंट और अन्य चीजों की मांग करता है, जिस पर वे पार्टनरशिप नहीं कर पाए। इससे पहले, उन्हें संदीप रेड्डी वांगा की फिल्म ‘स्पिरिट’ से भी बाहर कर दिया गया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, इन प्रोजेक्ट्स से बाहर होने का एक कारण 8 घंटे की फिक्स्ड वर्किंग शिफ्ट सहित उनकी कुछ मांगें हो सकती हैं, जिसे कुछ निर्माताओं ने ‘अनप्रोफेशनल’ माना। इन दो बड़े प्रोजेक्ट्स के हाथ से निकल जाने की खबरें भी सुर्खियों में रही हैं।

