Muskan Garg: हिंदी डिजिटल पत्रकारिता की दुनिया में एक बड़ा बदलाव सामने आया है। ‘द लल्लनटॉप’ को पहचान दिलाने वाले सौरभ द्विवेदी ने इंडिया टुडे ग्रुप और लल्लनटॉप से इस्तीफा दे दिया है। करीब 12 सालों तक इस प्लेटफॉर्म को खड़ा करने और उसे देश के सबसे प्रभावशाली हिंदी डिजिटल मीडिया ब्रांड्स में शामिल कराने वाले सौरभ का जाना मीडिया इंडस्ट्री के लिए एक अहम मोड़ माना जा रहा है।

सौरभ द्विवेदी और लल्लनटॉप की कहानी:
सौरभ द्विवेदी ने अपनी पत्रकारिता की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की थी, लेकिन उन्हें असली पहचान डिजिटल पत्रकारिता से मिली। लल्लनटॉप को उन्होंने एक युवा-केंद्रित, सरल भाषा और ग्राउंड रिपोर्टिंग वाला मंच बनाया। “नेटाजी सुभाष चंद्र बोस”, “इरफान खान”, “कुलभूषण जाधव” जैसे इंटरव्यूज़ ने उन्हें घर-घर तक पहुँचाया। लल्लनटॉप सिर्फ न्यूज़ प्लेटफॉर्म नहीं, बल्कि एक नई पत्रकारिता शैली बन गया।

लल्लनटॉप छोड़ने का कारण क्या है?
सौरभ द्विवेदी ने अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए साफ किया कि यह फैसला किसी विवाद या मतभेद का नतीजा नहीं है। उन्होंने संकेत दिया कि वह अब नई रचनात्मक संभावनाओं और नए मीडिया प्रयोगों की ओर बढ़ना चाहते हैं। उनकी सोशल मीडिया पोस्ट की पंक्तियाँ: “एक अल्पविराम के बाद नई यात्रा की तैयारी”। इस बात की ओर इशारा करती हैं कि यह अंत नहीं, बल्कि एक नए अध्याय की शुरुआत है।

अब सौरभ द्विवेदी किस चैनल या कंपनी में जाएंगे?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वे किसी नए चैनल में शामिल हो रहे हैं? अब तक इसका जवाब है, नहीं ही सुनने में आ रहा है। सौरभ द्विवेदी ने किसी भी टीवी चैनल, न्यूज़ नेटवर्क या मीडिया कंपनी को जॉइन करने की आधिकारिक घोषणा नहीं की है। फिलहाल वह किसी संस्थान से भी नहीं जुड़े हैं।

आगे क्या हो सकता है? संभावनाएँ क्या कहती हैं:
1.) अपना स्वतंत्र डिजिटल प्लेटफॉर्म: आज के दौर में कई वरिष्ठ पत्रकार यूट्यूब, पॉडकास्ट और सब्सक्रिप्शन-आधारित मॉडल की ओर जा रहे हैं। सौरभ द्विवेदी भी खुद का न्यू-मीडिया वेंचर शुरू कर सकते हैं।

2.) किसी बड़े मीडिया हाउस में शीर्ष भूमिका: संभावना है कि वह किसी बड़े डिजिटल या टीवी नेटवर्क में एडिटोरियल लीडरशिप रोल में शामिल हों, लेकिन अभी कोई पुष्टि नहीं है।

3.) कंटेंट, डॉक्यूमेंट्री और पॉलिसी पत्रकारिता: वह न्यूज से आगे बढ़कर लॉन्ग-फॉर्म जर्नलिज़्म, डॉक्यूमेंट्री या पब्लिक डिस्कोर्स पर भी फोकस कर सकते हैं।

कौन ले रहा है लल्लनटॉप में सौरव की जगह?
सौरभ द्विवेदी के जाने के बाद, कुलदीप मिश्रा को लल्लनटॉप की संपादकीय जिम्मेदारी सौंपी गई है। टीम को नए नेतृत्व के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। हालांकि, सौरभ की शैली और पहचान को भर पाना लल्लनटॉप के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।

सौरभ द्विवेदी का लल्लनटॉप छोड़ना एक युग का अंत और नए प्रयोगों की शुरुआत है। हालांकि उन्होंने अभी तक किसी नए चैनल या कंपनी को जॉइन नहीं किया है, लेकिन यह तय है कि उनका अगला कदम हिंदी मीडिया को एक नई दिशा देगा। अब सबकी निगाहें इस सवाल पर टिकी हुई है कि: “अल्पविराम के बाद सौरभ द्विवेदी की कहानी क्या मोड़ लेगी?”

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