राम मंदिर

रिशाली त्रिपाठी अयोध्या: राम मंदिर निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा बैठक अक्टूबर तक अधिकांश काम पूरा, दिसंबर 2025 तक मंदिर निर्माण का लक्ष्य

90 म्यूरल्स में 85 तैयार, मूर्तियों में हुई थोड़ी देरी

राम मंदिर निर्माण कार्य की कल हुई समीक्षा बैठक की अध्यक्षता नृपेंद्र मिश्र ने की। बैठक में जानकारी दी गई कि मंदिर के लोअर प्लिंथ में लगाए जाने वाले 90 म्यूरल्स में से 85 तैयार होकर साइट पर पहुंच चुके हैं। हालांकि, 3D मूर्तियों में 15 से 30 दिन की देरी हुई है, जिस पर विस्तार से समीक्षा की गई।

टाइम-लैप्स रिकॉर्डिंग बनेगी ऐतिहासिक डॉक्यूमेंट्री

निर्माण स्थल पर लगे पाँच टाइम-लैप्स कैमरों से मंदिर निर्माण की पूरी यात्रा रिकॉर्ड की जा रही है। इसे “इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स” घोषित कर सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट, IIT रुड़की को शर्तनामा के साथ सौंपा जाएगा। इस सामग्री का उपयोग शिक्षा-प्रशिक्षण के साथ-साथ पाँच साल की निर्माण यात्रा पर एक ऐतिहासिक डॉक्यूमेंट्री तैयार करने में किया जाएगा। इसमें खुदाई, सॉइल टेस्ट, प्रस्तावों से लेकर चरणबद्ध निर्माण तक की पूरी कहानी दर्ज होगी।

अस्थायी स्मारक और शहीदों के पिलर्स पर चर्चा

बैठक के दौरान अस्थायी मंदिर स्मारक और शहीदों की याद में लगाए गए ग्रेनाइट पिलर्स के स्वरूप पर भी विस्तार से विचार हुआ। यह तय किया गया कि किसी भी स्थिति में मंदिर की पवित्रता और मूल स्वरूप पर असर नहीं पड़ने दिया जाएगा।अक्टूबर तक अधिकांश काम पूरा, दिसंबर तक अंतिम लक्ष्य निर्माण कार्य की रफ्तार को देखते हुए अनुमान जताया गया कि अक्टूबर 2025 के अंत तक अधिकांश कार्य पूरे हो जाएंगे। वहीं, दिसंबर 2025 तक राम मंदिर का शेष निर्माण लक्ष्य के अनुसार पूरा करने का विश्वास जताया गया।

फसाद लाइटिंग पर 8–10 करोड़ का खर्चआज तीन कंपनियों द्वारा फसाद लाइटिंग का डेमोंस्ट्रेशन किया जाएगा। हाइब्रिड मॉडल, प्रोजेक्टर और लीनियर लाइटिंग के विकल्पों में से एक अंतिम रूप से चयन किया जाएगा। इस पूरी व्यवस्था पर करीब 8 से 10 करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है।

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