Muskan Garg: देश के कई हिस्सों में चक्रवात ‘दित्वा’ ने दहशत फैला दी है। भारत मौसम विभाग (IMD) के ताज़ा अलर्ट के बाद हवाई और रेल सेवाओं पर भारी असर पड़ा है। सुरक्षा के मद्देनज़र 82 उड़ानें रद्द की गई हैं, जबकि रेलवे ने स्थिति से निपटने के लिए वॉर रूम एक्टिव कर दिया है।

हवाई सेवाओं पर तूफान का असर कई उड़ाने हुई रद्द:
मुंबई, गोवा, अहमदाबाद, भुज और कोच्चि जैसे तटीय शहरों में ‘दित्वा’ के चलते तेज़ हवाओं और भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। एयरलाइंस कंपनियों ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उड़ानें रद्द कर दी हैं। कई एयरपोर्ट पर यात्रियों की भीड़ देखी जा रही है, जबकि एयरलाइंस कंपनियाँ टिकट रीशेड्यूल करने और रिफंड देने में जुटी हैं। IMD के अनुसार, दित्वा तूफान फिलहाल अरब सागर के उत्तर-पूर्वी हिस्से में सक्रिय है और इसकी गति 120 से 135 किमी प्रति घंटा तक पहुँच सकती है। अगले 24 घंटे बेहद अहम बताए जा रहे हैं।

रेलवे ने संभाली कमान: ‘वॉर रूम’ तैयार:
पश्चिम और सेंट्रल रेलवे ने अलर्ट मोड में आकर यात्रियों को सुरक्षित रखने के लिए कई उपायों को अपनाया है। रेलवे ने भावनगर, वडोदरा, सूरत और मुंबई के कंट्रोल रूम को हाई अलर्ट पर रखा है। रेलवे वॉर रूम मौसम विभाग से लगातार संपर्क में है और किसी भी आपातकालीन परिस्थिति के लिए राहत ट्रेनें तैयार हैं। कई मार्गों पर ट्रेनें डायवर्ट की गईं या स्थगित की गई है।

IMD का बड़ा बयान अगले 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण ओर संवेदनशील:
भारतीय मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि ‘दित्वा’ का असर अगले 48 घंटे तक बना रहेगा। गुजरात और महाराष्ट्र के तटीय जिलों में भारी से अति-भारी वर्षा होने के आसार हैं। राज्य सरकारों को राहत टीमों और NDRF को तैयार रहने का निर्देश दिया गया है और गुजरात के कुछ इलाकों में स्कूल-कॉलेज बंद करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।

लोगों से अपील सतर्क रहें और अफवाहों से बचें:
सरकारी एजेंसियों ने लोगों से घरों में सुरक्षित रहने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। तटीय इलाकों में मछुआरों को समंदर में न जाने की सख्त हिदायत दी गई है। IMD के मुताबिक, यदि हवा की दिशा में बदलाव नहीं हुआ तो ‘दित्वा’ अगले दो दिनों में गुजरात तट से टकरा सकता है। हालातो पर लगातार नजर रखी जा रही है और ज़रूरत पड़ने पर तटीय इलाकों से लोगों को शिफ्ट भी किया जाएगा।

‘दित्वा’ तूफान फिलहाल गंभीर श्रेणी में है, लेकिन प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। फिलहाल ज़रूरत है सतर्क रहने की, क्योंकि प्रकृति से लड़ाई नहीं, सावधानी ही बचाव कर सकती है।

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