रिया सिन्हा: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के पूर्व गवर्नर उर्जित पटेल को अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में एक अहम पद पर नियुक्त किया गया है। यह उपलब्धि भारत की बढ़ती आर्थिक प्रतिष्ठा और वैश्विक स्तर पर उसकी नीतिगत मजबूती का प्रतीक मानी जा रही है।
वैश्विक स्तर पर भारत की पहचान
उर्जित पटेल की नियुक्ति IMF में भारत की आर्थिक नीतियों की स्वीकार्यता को दर्शाती है। पटेल पहले भी IMF से जुड़े रहे हैं और उन्हें अंतरराष्ट्रीय वित्तीय प्रणाली का गहरा अनुभव है। विशेषज्ञ मानते हैं कि उनके इस पद पर आने से भारत की आवाज़ IMF में और सशक्त होगी।
नई भूमिका और जिम्मेदारियां
आईएमएफ में उन्हें कार्यकारी समिति का सदस्य बनाया गया है, जहां वे वैश्विक वित्तीय स्थिरता, मुद्रा नीतियों और आर्थिक सुधारों पर महत्वपूर्ण निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा होंगे। उनकी भूमिका उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के हितों को आगे बढ़ाने में अहम मानी जा रही है।
भारत के लिए सम्मान
भारत सरकार और वित्त मंत्रालय ने उर्जित पटेल को बधाई देते हुए कहा कि यह भारत के लिए गर्व का क्षण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट कर इसे “भारत की आर्थिक शक्ति और नेतृत्व क्षमता की अंतरराष्ट्रीय मान्यता” बताया।

