Suvangi Pradhan: टाटा समूह से जुड़ी एक महत्वपूर्ण शख्सियत, सिमोन टाटा का निधन हो गया। उन्होंने न केवल टाटा समूह को उपभोक्ता उत्पादों के क्षेत्र में नई पहचान दी, बल्कि भारतीय महिलाओं की आधुनिक सौंदर्य सोच को आकार देने में भी अहम भूमिका निभाई।
92 वर्ष की सिमोन कॉस्मेटिक्स और फैशन उद्योग में भारत की क्रांतिकारी महिला उद्यमियों में गिनी जाती थीं
सिमोन टाटा का जन्म 1932 में स्विट्जरलैंड में हुआ था। 1953 में वह पहली बार भारत घूमने आईं और यहीं उनका जीवन बदल गया। भारत में रहते हुए उनकी मुलाकात टाटा परिवार के सदस्य नवल टाटा से हुई। कुछ समय बाद दोनों ने विवाह किया और सिमोन टाटा स्थायी रूप से भारत आ गईं। इसी के साथ उन्होंने अपने भीतर छुपे मैनेजमेंट और ब्रांड बिल्डिंग के कौशल को एक नई दिशा देना शुरू किया।
उनके नेतृत्व में लेक्मे ने देश में पहली बार प्रोफेशनल ब्यूटी ट्रेंड्स को लोकप्रिय बनाया
1962 में सिमोन टाटा ने टाटा ऑयल मिल्स कंपनी के सहयोगी उद्यम ‘लेक्मे’ में शामिल होकर कंपनी को एक छोटे कॉस्मेटिक ब्रांड से देश के सबसे विश्वसनीय मेकअप ब्रांड के रूप में स्थापित किया। उस दौर में जब भारतीय बाजार में विदेशी ब्रांडों का प्रभाव था, सिमोन टाटा ने भारतीय त्वचा और भारतीय पसंद के अनुसार उत्पाद तैयार करवाए। सिमोन टाटा की दूरदृष्टि यहीं तक सीमित नहीं थी। 1980 के दशक में उन्होंने फैशन और लाइफस्टाइल रिटेल के क्षेत्र में टाटा समूह को ले जाते हुए ‘ट्रेंट’ और ‘वेस्टसाइड’ जैसे आधुनिक भारतीय ब्रांडों की नींव रखी। आज भी ये दोनों ब्रांड देशभर में रिटेल इंडस्ट्री के प्रमुख स्तंभ माने जाते हैं।
सिमोन टाटा अपनी सौम्यता, सादगी और पेशेवर दक्षता के लिए जानी जाती थीं
रतन टाटा कई बार सार्वजनिक रूप से अपनी सौतेली मां के प्रति सम्मान और स्नेह जताते हुए कह चुके हैं कि उन्होंने टाटा परिवार के भीतर एक सकारात्मक और सुदृढ़ माहौल बनाया। उनके निधन के साथ भारतीय उद्योग जगत ने एक ऐसी महिला पायोनियर को खो दिया है, जिसकी दृष्टि और योगदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।
