Suvangi Pradhan: दुनिया के प्रमुख इस्पात उद्योगपतियों में से एक और ब्रिटेन के आठवें सबसे अमीर व्यक्ति लक्ष्मी निवास मित्तल जल्द ही ब्रिटेन को अलविदा कह सकते हैं। बढ़ते टैक्स बोझ और लगातार सख्त होती वित्तीय नीतियों से परेशान होकर मित्तल परिवार लंबे समय से वैकल्पिक ठिकानों पर विचार कर रहा था।

अब वे दुबई में शिफ्ट होने की तैयारी में हैं, जहाँ टैक्स व्यवस्था कहीं अधिक अनुकूल मानी जाती है
मित्तल, जो आर्सेलरमित्तल के चेयरमैन और सीईओ हैं, 2000 के दशक की शुरुआत से लंदन में रह रहे हैं। उनकी लाइफ़स्टाइल, कारोबारी नेटवर्क और वैश्विक निवेश रणनीतियाँ पिछले दो दशकों में ब्रिटेन से गहराई से जुड़ी रही हैं। लेकिन बीते कुछ वर्षों में ब्रिटिश सरकार द्वारा उच्च-आय वर्ग पर टैक्स बढ़ाने, निवेशकों के लिए नए नियम लागू करने और वैश्विक संपत्तियों पर अतिरिक्त निगरानी की नीतियों ने कई बड़े उद्योगपतियों को परेशान किया है।

दुबई हाल के सालों में दुनिया के सबसे पसंदीदा बिजनेस हब में तेजी से शामिल हुआ है

दुबई मित्तल के लिए न केवल टैक्स-फ्रेंडली वातावरण प्रदान करता है, बल्कि व्यापार विस्तार के लिए भी बेहतर अवसर देता है। मध्य पूर्व में इस्पात की मांग बढ़ रही है और बड़े पैमाने पर इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स मित्तल समूह के लिए नए अवसर खोल सकते हैं। ब्रिटेन में आर्थिक माहौल और राजनीतिक अनिश्चितता ने कई उच्च-नेटवर्थ व्यक्तियों को अपने निवास स्थान पर पुनर्विचार करने के लिए मजबूर किया है। मित्तल परिवार की रवानगी ब्रिटेन के लिए एक और संकेत हो सकती है कि देश को अपने टैक्स ढांचे और निवेश नीतियों पर पुनर्विचार करने की जरूरत है।

मित्तल जैसे उद्योगपति का ब्रिटेन से जाना देश की निवेश छवि पर भी असर डाल सकता है

मित्तल दुबई में अपने नए आवास की पुष्टि करते हैं, तो यह न सिर्फ उनके निजी निर्णय का परिणाम होगा बल्कि वैश्विक कॉर्पोरेट माइग्रेशन की बढ़ती प्रवृत्ति का भी हिस्सा माना जाएगा, जहाँ उद्योगपति बेहतर स्थिरता, कम टैक्स और अधिक कारोबारी अवसरों वाले देशों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

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