Suvangi Pradhan: बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता गोविंदा की पत्नी सुनीता अहुजा ने हाल ही में अपने 38 वर्षों से चल रहे वैवाहिक जीवन से जुड़ी भावनाओं को बेहद खुलकर साझा किया है…उन्होंने कहा है कि उनके पति अच्छे बेटे हैं, अच्छे भाई हैं, लेकिन अच्छे पति नहीं हैं…
सेलेब्रिटी की पत्नी होना आसान नहीं है, दिल पत्थर का बना लेना पड़ता है
सुनीता ने बताया कि उन्होंने शादी के बाद अपने पति के करियर की वजह से काफी समर्पण किया था…उन्होंने कहा है की सेलेब्रिटी की पत्नी होना आसान नहीं है, आपको दिल पत्थर का बना लेना पड़ता है…इसके साथ उन्होंने यह भी कहा कि वे खुद अपनी बच्चों को अपनी सबसे बड़ी दोस्त मानती हैं, क्योंकि बाहरी दोस्तियाँ उनकी ज़िंदगी में बहुत कम थीं…सुनीता ने स्पष्ट कहा है कि “जब व्यक्ति कुछ उम्र के बाद सही जिम्मेदारियाँ नहीं निभाता, तो वो गलत लगता है…उन्होंने ये भी जोड़ा कि गोविंदा के करियर में नायिकाओं के साथ ज़्यादा वक्त बिताना, घर और परिवार के समय को प्रभावित करता था…
सुनीता के इस बयान के पीछे क्या है कारण
सुनीता ने स्वीकार किया है कि दोनों ने युवा अवस्था में गलतियाँ की हैं, लेकिन अब जब वे उम्र में आगे हैं, तब ऐसे व्यवहार स्वीकार्य नहीं हैं…उन्होंने यह संकेत भी दिया है कि कुछ अफवाहें जैसे कि गोविंदा की कथित अस्थिरता या बाहरी संबंध ने इस रिश्ते में तनाव बढ़ाया है…इसके चलते Sunita का कहना है कि एक स्टार की पत्नी होने से भावनात्मक रूप से बहुत बल चाहिए, क्योंकि आँखों देखी स्थिति और अपेक्षाएँ दोनों बहुत ज्यादा होती हैं…
रिश्तों में सिर्फ प्यार ही नहीं, बल्कि बढ़ती उम्र में जिम्मेदारी भी उतनी ही ज़रूरी होती हैं
यह बयान उस वास्तविकता का संकेत है कि लंबे समय तक चले वैवाहिक रिश्तों में पॉपुलैरिटी, समय अभाव, अपेक्षाएं और निजी बदलाव कितने असर डालते हैं…सुनीता अहुजा अपने अनुभव के माध्यम से यह बात सामने ला रही हैं कि रिश्तों में सिर्फ प्यार ही नहीं, बल्कि बढ़ती उम्र में जिम्मेदारी, समझदारी, और पारदर्शिता भी उतनी ही ज़रूरी होती हैं.
