Alinagar – Darbhangजन सुराज अभियान के संयोजक प्रशांत किशोर (PK) ने अलीनगर के जननेता विप्लव कुमार चौधरी पर गहरा भरोसा जताया है। प्रशांत किशोर का मानना है कि “विप्लव जैसे जमीनी नेता ही बिहार की राजनीति में असली परिवर्तन ला सकते हैं। ”तीन बार के मुखिया और छात्र राजनीति से निकलकर जनता के बीच मजबूत पहचान बनाने वाले विप्लव चौधरी के संगठन कौशल और ईमानदारी ने जन सुराज नेतृत्व का भी विश्वास जीत लिया है।
सूत्रों के अनुसार, प्रशांत किशोर ने न सिर्फ उनके कार्यों की सराहना की है बल्कि यह भी कहा कि “अलीनगर जैसे क्षेत्रों में विप्लव चौधरी जैसे नेताओं की मौजूदगी जन सुराज की असली ताकत है।
1988 में CM साइंस कॉलेज, दरभंगा से छात्र राजनीति की शुरुआत
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अलीनगर (दरभंगा)। हनुमान नगर पंचायत के तीन बार के मुखिया और जनसेवा को जीवन का उद्देश्य मानने वाले विप्लव कुमार चौधरी आज अलीनगर विधानसभा क्षेत्र की जनता के दिलों में विधायक के रूप में स्थापित हो चुके हैं। लोगों का कहना है कि “विप्लव बाबू तो हमारे विधायक हैं, अब बस नतीजे का इंतजार है।”
विप्लव चौधरी ने छात्र राजनीति से जनसेवा का सफर तय किया। 1988 में CM साइंस कॉलेज, दरभंगा से छात्र राजनीति की शुरुआत की और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) में जिला महासचिव, राज्य संयुक्त सचिव और राष्ट्रीय परिषद सदस्य के रूप में सक्रिय भूमिका निभाई।
राजनीतिक जीवन के शुरुआती दौर में ही उनके कार्यों से प्रभावित होकर उस समय के वरिष्ठ नेता माधवराव सधिया स्वयं दिल्ली से दरभंगा केवल विप्लव कुमार चौधरी से मिलने पहुंचे थे। यह मुलाकात उस दौर में उनकी लोकप्रियता और नेतृत्व क्षमता का प्रमाण मानी जाती है।
90 के दशक में छात्र नेता विप्लव चौधरी की पहल से शुरू हुई दरभंगा–दिल्ली रेल सेवा, मिथिला के विकास में मील का पत्थर साबित हुई दरभंगा।
90 के दशक में जब मिथिला क्षेत्र विकास के अभाव से जूझ रहा था, उस समय छात्र राजनीति से निकले युवा नेता विप्लव कुमार चौधरी ने एक ऐसा ऐतिहासिक कदम उठाया, जिसने पूरे क्षेत्र की दिशा बदल दी।
छात्र राजनीति में रहते हुए ही विप्लव चौधरी ने दरभंगा से दिल्ली के बीच सीधी रेल सेवा शुरू कराने के लिए लगातार संघर्ष किया। उनकी वर्षों की मेहनत और दूरदृष्टि के परिणाम स्वरूप करीब 500 करोड़ रुपए की लागत से यह रेल परियोजना साकार हुई — जिसने न सिर्फ दरभंगा को देश की राजधानी से जोड़ा, बल्कि पूरे मिथिला क्षेत्र को नई पहचान दिलाई।
आज मिथिला से कोई भी व्यक्ति रेल मार्ग से देश के किसी भी कोने तक आसानी से यात्रा कर सकता है, और यह सब संभव हो पाया उस छात्र नेता की जिद और संकल्प से, जिसे आज लोग “विकास पुरुष” के नाम से जानते हैं — विप्लव कुमार चौधरी।उनकी यह ऐतिहासिक उपलब्धि इस बात का प्रतीक है कि अगर इरादे मजबूत हों तो छात्र राजनीति से भी समाज के लिए बड़े परिवर्तन लाए जा सकते हैं।
अलीनगर पंचायत ने विकास के नए आयाम छुए —
साल 2006 में उनकी पत्नी पहली बार मुखिया बनीं, और फिर 2011 से 2021 तक स्वयं विप्लव चौधरी ने पंचायत का नेतृत्व किया। उनके नेतृत्व में अलीनगर हनुमान नगर पंचायत ने विकास के नए आयाम छुए —
हजारों वृद्धों को पेंशन, सैकड़ों हैंडपंप, 5 प्राथमिक विद्यालय, ( 3 करोड़ की लागत से पंचायत भवन, 1 करोड़ की लागत से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, :- कार्य प्रगति पर है। ) ओपन जिम, पार्क, स्ट्रीट लाइट, यात्री शेड, कब्रिस्तान और श्मशान की बाउंड्री जैसी उपलब्धियाँ उनके कार्यकाल की पहचान हैं।
वर्ल्ड बैंक से 10 लाख रुपए की राशि से 50 अनुसूचित जाति छात्रों को छात्रवृत्ति
इसके साथ ही उन्होंने 500 से अधिक बेटियों को आर्थिक सहायता प्रदान की और वर्ल्ड बैंक से 10 लाख रुपए की राशि से 50 अनुसूचित जाति छात्रों को छात्रवृत्ति दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई। जनता के बीच अपनी ईमानदारी, सादगी और विकासपरक सोच के कारण विप्लव चौधरी आज अलीनगर की राजनीति का सबसे भरोसेमंद चेहरा बन चुके हैं।
यहां के लोगों का कहना है —
“विप्लव बाबू सिर्फ मुखिया नहीं, हमारे भविष्य के विधायक हैं। उन्होंने जो काम किया है, वो किसी विधायक से कम नहीं।
