आदेश चौहान : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण की वोटिंग के ठीक आठ दिन पहले महागठबंधन ने 28 अक्टूबर मंगलवार को अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी कर दिया. तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन में शामिल अन्य घटक दलों के नेताओं ने साझा घोषणा पत्र जारी किया. ‘ बिहार का तेजस्वी प्रण’ नाम से जारी महागठबंधन के मैनिफेस्टो के फ्रंट पेज में सबसे बड़ी तस्वीर तेजस्वी यादव की है, जिससे साफ पता चलता है कि महागठबंधन ने तेजस्वी को केंद्र में रखकर जनता से “संपूर्ण बिहार, संपूर्ण परिवर्तन” का वादा किया है. अब देखना है कि जनता उनके इस “प्रण” को कितना स्वीकार करती है.
महागठबंधन के मैनिफेस्टो में जनता से जुड़ी घोषणाएं और वादे
1)जिनमें हर परिवार से एक सदस्य को सरकारी नौकरी
2)महागठबंधन की सरकार बनने पर 5 साल में 12500000 रोजगार देने का वादा
3)पुरानी पेंशन योजना की बहाली और 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली
4)ताड़ी पर से प्रतिबंध हटाने और बिहार प्रोहिबिशन एंड एक्साइज एक्ट की समीक्षा का वादा किया गया है.
5)गरीब परिवारों को 500 रुपए में सिलेंडर
6)मुस्लिम वर्ग के वोटो को प्राप्त करने के लिए मैनिफेस्टो में, वक्फ संशोधन विधेयक को रोकने का वादा किया गया है.
7)अप्रैल 2016 से बिहार में शराबबंदी के कानून की दुबारा समीक्षा की जाएगी
8)संविदा कर्मियों को स्थाई किया जाएगा
9)जीविका दीदियों को सरकारी नौकरी का दर्जा देकर स्थाई किया जाएगा, और 30000 प्रतिमाह सैलरी करने का वादा किया है
10)मनरेगा मजदूरी को बढ़ाकर 300 रुपये करने का वादा
11)गरीब परिवारों को 500 रुपये में सिलेंडर
12)नशा-नियंत्रण के लिए सख्त कानून बनाया जाएगा और जनजागरण अभियान चलाने की घोषणा
13)धार्मिक संस्थान या स्थल पर हमले को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे
14)दिव्यांगजनों को 3000 रुपये की मासिक पेंशन
15)विधवा और बुजुर्गों को 1500 रुपये प्रतिमाह पेंशन
16)भूमिहीन और बेघर परिवारों को 5 डिसमिल और शहरी क्षेत्रों में 3 डिसमिल भूमि अथवा पक्का मकान देने का वादा
17)महागठबंधन की सरकार बनने पर 2000 एकड़ में बनेगी एजुकेशनल सिटी
क्या लोकलुभावन वादों से तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बन पाएंगे
हालांकि यह देखना दिलचस्प होगा कि तेजस्वी का यह चुनावी कार्ड जनता के बीच कितना असर दिखाता है. यह कहना गलत नहीं होगा कि मौजूदा चुनाव में सबसे बड़ा जोखिम खुद तेजस्वी यादव ने उठाया है. तेजस्वी सीएम उम्मीदवार हैं, उनके चेहरे के साथ “तेजस्वी प्रण” का स्लोगन लिए साझा चुनावी घोषणा पत्र जनता के सामने है. तेजस्वी के संकल्प को अगर बिहार की जनता स्वीकार करती है तो वे बिहार के मुख्यमंत्री बनेंगे, लेकिन अगर जनता ने इसे खारिज किया तो यह उनकी राजनीति का सबसे बड़ा झटका साबित हो सकता है.
