ऋषिता गंंगराडें
15 जुलाई 2025 से YouTube ने अपने YouTube Partner Programme (YPP) की मोनेटाइजेशन पॉलिसी में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इनका मकसद “नकली” या “अनैथेंटिक” कंटेंट को विज्ञापन योग्य सामग्री से हटाना है YouTube+15Google Help+15Indiatimes+15।
क्या बदला है?
- “Repetitious content” को रीब्रांडकर “inauthentic content” किया गया—जिसमें टेम्प्लेट आधारित या बारी‑बारी से मास‑प्रोड्यूस्ड वीडियो शामिल हैं, जहां सामग्री में मानव स्पर्श नहीं होता The Economic Times+15Google Help+15Social Media Today+15।AI‑
- जनित या तंत्रिका आधारित ऑडियो/वीडियो पर विशेष जाँच: यदि AI का उपयोग हुआ हो, तो ऐसा कंटेंट तभी मोनेटाइज होगा जब उसमें पर्याप्त मानव परिवर्तन, रचनात्मक संपादन, और यथार्थ मूल्य हो ।
- री-यूज़ कंटेंट (जैसे क्लिप्स, रिएक्शन वीडियो) की अनुमति अभी भी है—लेकिन अब उसमें आपकी विश्लेषण, व्याख्या या संदर्भ जोड़ा जाना अनिवार्य है ।
मोनेटाइजेशन पात्रता – क्या बदला?
- मौजूदा YPP के सब्सक्राइबर और व्यूअरशिप लक्ष्य (1,000 सब्सक्राइबर + 4,000 घंटे या 10 मिलियन शॉर्ट्स व्यूज़) वैसा का वैसा ही बना रहेगा The Economic Times+2The Economic Times+2Boss Wallah Blog+2।
- कोई नई सीमाएं लागू नहीं की गई हैं; सिर्फ गुणवत्ता की दायरेबंदी है आइडेंटिटी के आधार पर ।
किन लोगों को सबसे ज़्यादा प्रभावित होने की आशंका है?
- AI‑स्लॉप चैनल्स: जो बड़े पैमाने पर AI टेक्स्ट‑टू‑वीडियो या आवाज़ का उपयोग करते हैं, जैसे स्लाइडशो वीडियो या टॉप‑टेन लिस्ट ।
- वह रिएक्शन या क्लिप चैनल्स जो केवल फेसलेस रिएक्शन दिखाते हैं, बिना किसी विश्लेषण या कॉन्टेक्स्ट के ।
- Template आधारित Content Farms जो एक ही फॉर्मेट में ढेरों वीडियो पोस्ट करते हैं, जैसे “सिर्फ टाइटल और थंबनेल बदलो” तरीके ।
स्पष्टता और प्रतिक्रियाएँ:
YouTube ने स्पष्ट किया है कि ये बदलाव बहुत बड़े स्तर पर AI कंटेंट को बैन करने के लिए नहीं– बल्कि पहले से मोनेटाइज नहीं हो पाता था, उसे और मुस्तैदी से पहचानते हुए इनेगेजमेंट को उच्च बनाए रखने के लिए है ।
यूट्यूब क्रिएटर लायजन रिने रिची ने बताया कि ये केवल “मिनर अपडेट” हैं—चैनल्स पर कोई तत्काल पेनल्टी नहीं होगी, लेकिन दोहराए गए कंटेंट के लिए मोनेटाइजेशन बंद हो सकता है ।
करना क्या चाहिए?
- AI का प्रयोग करें, लेकिन अपनी रचनात्मकता जोड़ें — जैसे स्क्रिप्ट, एडिटिंग, व्यक्तिगत कमेंट्री।
- Template‑वेड इफेक्ट्स से बचें — हर वीडियो में कुछ नया और रचनात्मक ट्रांसफॉर्मेशन जोड़ें।
- री-यूज़ कंटेंट को संदर्भित करें — क्लिप्स या रिएक्शन में स्वयं की इनसाइट शामिल करें।
- चैनल ऑडिट करें — पुराने वीडियो जांचें, खासकर जो AI या क्लिप्स पर आधारित हों, और उन्हें पुनःडिज़ाइन करें।
अगर आप वैसा चैनल चलाते हैं जो AI पे निर्भर है या दोहराए गए कंटेंट से चलता है–तो अपनी रचनात्मक स्टोरीटेलिंग और मानव स्पर्श वाले तत्वों को बढ़ाएं, नहीं तो 15 जुलाई बाद आपकी आय पर असर हो सकता है।
स्रोत:
- YouTube पॉलीसी का आधिकारिक “inauthentic content” विवरण
- इंडिया टाइम्स, इकॉनॉमिक टाइम्स, टाइम्स ऑफ इंडिया, The Verge, Windows Central की रिपोर्ट्स Windows Central
