रिपोर्ट रोहित रजक नई दिल्ली।
भारत और अमेरिका के बीच पिछले कुछ समय से व्यापार को लेकर तनातनी चल रही है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत से आने वाले सामान पर 50% तक टैरिफ (कर) बढ़ा दिया था, जिससे दोनों देशों के रिश्तों में तनाव पैदा हो गया। लेकिन अब स्थिति सामान्य होने की ओर बढ़ रही है।
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि नवंबर 2025 तक भारत और अमेरिका के बीच बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट (BTA) पर अंतिम समझौता हो जाएगा। उन्होंने भरोसा जताया कि दोनों देश जल्द ही समाधान निकाल लेंगे और व्यापारिक रिश्ते मजबूत होंगे।
भारत-अमेरिका व्यापारिक लक्ष्य
भारत और अमेरिका का लक्ष्य 2030 तक आपसी व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुँचाने का है। फिलहाल दोनों देशों का द्विपक्षीय व्यापार करीब 191 अरब डॉलर है।
वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, अप्रैल-जुलाई 2025 के बीच भारत का अमेरिका को निर्यात 21.64 अरब डॉलर रहा, जबकि आयात 17.41 अरब डॉलर तक पहुँचा। इस दौरान भारत का अमेरिका के साथ व्यापार संतुलन लगभग 4.23 अरब डॉलर के अधिशेष में रहा।
डेयरी उत्पादों पर विवाद
भारत और अमेरिका के बीच सबसे बड़ा विवाद डेयरी सेक्टर को लेकर है। अमेरिका चाहता है कि भारत डेयरी उत्पाद जैसे दूध, पनीर और घी पर लगाए गए आयात प्रतिबंधों को हटा दे। लेकिन भारत सरकार का मानना है कि यह फैसला सीधे-सीधे भारत के छोटे किसानों को प्रभावित करेगा।
भारत दूध उत्पादन में दुनिया का सबसे बड़ा देश है और इस क्षेत्र से लाखों छोटे किसान जुड़े हुए हैं। ऐसे में अमेरिका से दूध और डेयरी उत्पाद आने लगे तो भारतीय किसान नुकसान झेलेंगे।
धार्मिक और सांस्कृतिक वजहें
भारत में डेयरी उत्पादों का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व भी है। देश में दूध और उससे बने उत्पादों को शुद्ध और पवित्र माना जाता है। यही कारण है कि भारत सरकार गैर-शाकाहारी मिल्क (नॉन वेज मिल्क) उत्पादों को आयात की अनुमति नहीं देती। इस पर दोनों देशों के बीच खींचतान जारी है।
समझौते की उम्मीद
पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि भारत किसी भी कीमत पर अपने किसानों और उपभोक्ताओं के हित से समझौता नहीं करेगा। लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि बातचीत जारी है और नवंबर तक एक बड़ा समाधान निकलने की पूरी संभावना है।
अमेरिकी ट्रेड प्रतिनिधि कैथरीन ताई के 25 अगस्त को भारत दौरे के बाद इस समझौते की दिशा में प्रगति हुई है।
भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्ते मजबूत करने के लिए नवंबर तक एक अहम ट्रेड डील होने जा रही है। हालांकि डेयरी उत्पादों पर विवाद अब भी बड़ा मुद्दा है, लेकिन उम्मीद है कि दोनों देश आपसी सहमति से समाधान निकाल लेंगे। यह समझौता न केवल दोनों देशों के बीच व्यापार को नई ऊँचाइयों तक ले जाएगा, बल्कि आर्थिक संबंधों को भी मजबूती देगा।
