Muskan Garg: करियर चुनते समय ज्यादातर छात्र इंजीनियरिंग, मेडिकल या सरकारी नौकरी के बारे में ही सोचते हैं। लेकिन कुछ ऐसे कोर्स भी हैं, जिन्हें बहुत कम लोग चुनते हैं और यही वजह है कि इन क्षेत्रों में एक्सपर्ट्स की भारी कमी है। नतीजा जो भी छात्र ये पढ़ाई करते हैं, उन्हें कम समय में ही मोटी सैलरी और तेजी से ग्रोथ मिलती है।
1. एक्चुरियल साइंस (Actuarial Science)
यह कोर्स रिस्क, इंश्योरेंस, पेंशन और फाइनेंशियल प्लानिंग से जुड़ा होता है। भारत में एक्चुरी बनने वाले छात्रों की संख्या बेहद कम है, जबकि इंश्योरेंस और फाइनेंस सेक्टर में इसकी मांग तेजी से बढ़ रही है। सैलरी: शुरुआती पैकेज 8–12 लाख रुपये सालाना तक हो सकता है, अनुभव के साथ यह 30–40 लाख तक पहुंच जाता है।
2. डेटा साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस
हालांकि नाम सुना-सुना लगता है, लेकिन 12वीं के बाद सीधे इस फील्ड में गहराई से पढ़ाई करने वाले छात्र बहुत कम हैं। कंपनियों को ऐसे प्रोफेशनल्स चाहिए जो डेटा से बिजनेस फैसले निकाल सकें। सैलरी: फ्रेशर्स को 6–10 लाख, जबकि अनुभवी प्रोफेशनल्स को 25 लाख रुपये या उससे ज्यादा मिलते हैं।
3. मरीन इंजीनियरिंग
समुद्र के बीच विशाल जहाजों पर काम करने वाले मरीन इंजीनियर की जिंदगी चुनौतीपूर्ण होती है, इसलिए कम छात्र इस फील्ड को चुनते हैं। लेकिन इंटरनेशनल शिपिंग इंडस्ट्री में इसकी भारी मांग है। सैलरी: शुरुआती सैलरी 7–10 लाख सालाना, विदेशों में यह कई गुना ज्यादा हो सकती है।
4. एविएशन मैनेजमेंट और एयरोनॉटिक्स
पायलट ही नहीं, बल्कि एयरपोर्ट ऑपरेशंस, एयरक्राफ्ट मेंटेनेंस और एविएशन मैनेजमेंट में भी करियर की अपार संभावनाएं हैं। सैलरी: 6 लाख से शुरुआत, अनुभव के साथ 20 लाख रुपये सालाना तक।
5. फॉरेंसिक साइंस
क्राइम इन्वेस्टिगेशन और साइंटिफिक एनालिसिस से जुड़ा यह क्षेत्र तेजी से उभर रहा है। सरकारी एजेंसियों के साथ-साथ प्राइवेट सेक्टर में भी इसकी मांग बढ़ रही है। सैलरी: 5–8 लाख शुरुआती, अनुभव के साथ 15–20 लाख तक।
इन कोर्सेज में क्यों है मोटी सैलरी?
• छात्रों की संख्या कम।
• स्किल-बेस्ड और टेक्निकल नॉलेज।
• इंडस्ट्री में एक्सपर्ट्स की भारी मांग।
• ग्लोबल करियर के मौके।
अगर आप भीड़ से हटकर कुछ अलग और दमदार करियर बनाना चाहते हैं, तो 12वीं के बाद ये कोर्स आपके लिए गेमचेंजर साबित हो सकते हैं। कम लोग, ज्यादा डिमांड और मोटी सैलरी यही इन पढ़ाइयों की सबसे बड़ी खासियत है।
