बेटे जयवर्धन सिंह के साथ दिग्विजय सिंह (फोटो:पीटीआई)

भोपाल से रोहित रजक की विशेष रिपोर्ट। मध्यप्रदेश में कांग्रेस पार्टी एक बार फिर सक्रिय होती नजर आ रही है। विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस ने सरकार को घेरने की रणनीति बनानी शुरू कर दी है। इसी बीच पार्टी के युवा नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के बेटे जयवर्धन सिंह की सक्रियता भी चर्चा में है। माना जा रहा है कि जयवर्धन सिंह को मध्यप्रदेश कांग्रेस का नया अध्यक्ष बनाया जा सकता है।

जयवर्धन सिंह ने हाल ही में विधानसभा सत्र में जमकर भाग लिया और सरकार के खिलाफ जोरदार आवाज उठाई। वे सदन के भीतर और बाहर दोनों जगहों पर सक्रिय दिखे। इससे यह संकेत मिल रहा है कि पार्टी उन्हें बड़ी जिम्मेदारी देने पर विचार कर रही है। पूर्व में भी विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस ने मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर बदलाव किए थे। अब अध्यक्ष पद के लिए जयवर्धन सिंह को संभावित दावेदार माना जा रहा है।

राजनीति में लगातार सक्रिय बने हुए हैं

जयवर्धन सिंह कांग्रेस के उन चुनिंदा नेताओं में हैं जो राजनीति में लगातार सक्रिय बने हुए हैं। वे भले ही एक राजनीतिक परिवार से आते हों, लेकिन अपनी मेहनत और कार्यशैली से उन्होंने पार्टी में अलग पहचान बनाई है। वे पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के पोते और दिग्विजय सिंह के बेटे हैं। उनके परिवार का लंबे समय से कांग्रेस में बड़ा योगदान रहा है।

प्रदेश कांग्रेस में अर्जुन सिंह, अरुण यादव, नकुलनाथ, सुश्री सुभाष यादव, और जयवर्धन सिंह जैसे कई प्रभावशाली नेताओं के परिवार हैं। लेकिन इन सभी में जयवर्धन सिंह ही ऐसे नेता हैं जो सक्रियता के मामले में सबसे आगे हैं। वे लगातार जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं से मिलते रहते हैं और जनता के मुद्दे उठाते रहते हैं।

वहीं दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने खुद को अब सिर्फ छिंदवाड़ा तक ही सीमित कर लिया है। वे सोशल मीडिया पर तो सक्रिय दिखते हैं लेकिन प्रदेश की राजनीति में उनकी भूमिका सीमित हो गई है। 2024 के लोकसभा चुनाव में भी उनका ध्यान सिर्फ अपने संसदीय क्षेत्र पर ही रहा। ऐसे में पार्टी अब किसी ऐसे नेता की तलाश में है जो पूरे प्रदेश में पार्टी को मजबूत कर सके।

इसी प्रकार पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के पुत्र और पूर्व मंत्री अजय सिंह भी पार्टी में सक्रिय नहीं हैं। हालांकि उन्होंने भी पूर्व में नेता प्रतिपक्ष और मंत्री जैसे अहम पदों पर कार्य किया है, लेकिन फिलहाल वे संगठन में ज्यादा नजर नहीं आ रहे।

कांग्रेस में एक और बड़ा चेहरा उभरता दिख रहा है ओबीसी वर्ग से अरुण यादव और उनके भाई सचिन यादव। दोनों भाईयों की भी पार्टी में अच्छी पकड़ मानी जाती है। लेकिन हाल के समय में अरुण यादव की सक्रियता कुछ कम रही है। सचिन यादव जरूर अपने क्षेत्र में मेहनत कर रहे हैं, लेकिन प्रदेश स्तर पर उनकी सक्रियता जयवर्धन सिंह जितनी नहीं दिख रही।

कुल मिलाकर अगर पार्टी नए चेहरे को मौका देती है तो जयवर्धन सिंह इसके सबसे मजबूत दावेदार हो सकते हैं। उनकी सक्रियता, साफ छवि, और युवाओं के बीच लोकप्रियता को देखते हुए उन्हें प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बनाया जा सकता है। कांग्रेस पार्टी के अंदर इन दिनों चल रही हलचलों से यह साफ है कि आने वाले समय में पार्टी बड़ा बदलाव कर सकती है। खासकर 2028 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पार्टी नेतृत्व को मजबूत करने की कोशिशें जारी हैं। जयवर्धन सिंह जैसे युवा नेता को सामने लाकर कांग्रेस एक नई दिशा देने की कोशिश कर सकती है।

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