रिपोर्ट रोहित रजक नई दिल्ली। अमेरिका में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों के लिए हालात दिन-ब-दिन मुश्किल होते जा रहे हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने छात्रों के लिए वीज़ा नियमों को और सख्त बना दिया है। इस सख्ती का असर यह हुआ है कि न सिर्फ पढ़ाई बल्कि पार्ट टाइम जॉब करने वाले भारतीय छात्रों की ज़िंदगी भी प्रभावित हो गई है।
वीज़ा नियमों में बदलाव से दिक्कतें
ट्रंप प्रशासन ने वीज़ा से जुड़ी पाबंदियों को कड़ा कर दिया है। पहले छात्र पढ़ाई के साथ-साथ पार्ट टाइम जॉब करके अपनी आर्थिक ज़रूरतें पूरी कर लेते थे, लेकिन अब हालात बदल गए हैं।
नए नियमों की वजह से अमेरिकी नियोक्ता (employers) भारतीय छात्रों को नौकरी देने से हिचकिचा रहे हैं। अगर नौकरी मिल भी रही है तो बहुत कम घंटों की, जिससे छात्रों की आमदनी घट गई है।
4700 छात्रों के वीज़ा रद्द
आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार हाल ही में 4,700 से ज्यादा भारतीय छात्रों के वीज़ा रद्द कर दिए गए। कारण यह बताया गया कि कई छात्र कॉलेज में पर्याप्त उपस्थिति दर्ज नहीं करा रहे थे और बिना अनुमति पार्ट टाइम काम कर रहे थे।
लॉस एंजिल्स में साइबर सुरक्षा की पढ़ाई कर रहे एक 25 वर्षीय छात्र ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि वह पहले पढ़ाई और रेस्टोरेंट की नौकरी में संतुलन बना लेता था। वह दिन में कम से कम आठ घंटे काम करता था, लेकिन जांच शुरू होने के बाद उसके नियोक्ता ने सभी छात्र कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया।
नौकरी का संकट गहराया
एक अन्य छात्र ने बताया कि उसे रेस्टोरेंट में नौकरी तो मिल गई, लेकिन दिन में सिर्फ तीन घंटे का काम दिया गया। इतनी कमाई से उसका गुज़ारा मुश्किल हो गया। अधिकतर छात्रों को अब किराया और खर्च चलाने में दिक्कत हो रही है, कई छात्रों को छोटे-छोटे कमरों में एक साथ रहना पड़ रहा है ताकि खर्च कम किया जा सके।
पढ़ाई और आर्थिक परेशानी
भारतीय छात्र पहले पढ़ाई के साथ काम करके फीस और अन्य खर्च पूरे कर लेते थे, लेकिन अब सख्त नियमों ने उनकी स्थिति बिगाड़ दी है।
जिन छात्रों की आर्थिक स्थिति कमजोर है, उन्हें सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मजबूरी में कुछ छात्रों को अपनी पढ़ाई बीच में छोड़ने तक की नौबत आ गई है।
अमेरिका में भारतीय छात्रों के लिए हालात बेहद कठिन होते जा रहे हैं। वीज़ा रद्द होने और नौकरी के मौके घटने से उनका भविष्य संकट में पड़ सकता है।
जहां एक ओर वे पढ़ाई पूरी करने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर रोज़मर्रा की ज़रूरतें पूरी करना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
ट्रंप प्रशासन की सख्ती से यह साफ है कि आने वाले समय में भारतीय छात्रों को अमेरिका में टिके रहना और भी मुश्किल हो सकता है।
