रानू यादव: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में बड़ा बदलाव किया है। अब इस योजना के तहत छात्रों को 4 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण बिना किसी ब्याज के दिया जाएगा। पहले छात्रों को लोन पर ब्याज चुकाना पड़ता था, लेकिन अब उस पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं होगा। किस्तों की अवधि बढ़ने से हर महीने की EMI कम हो जाएगी। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में मदद मिलेगी। इस बदलाव के तहत, लोन चुकाने की अवधि भी बढ़ाई गई है। अब 4 लाख रुपये तक के लोन को 10 साल (120 मासिक किस्तों) में चुकाने की सुविधा दी गई है।
इस ऋण का उपयोग कॉलेज की फीस, हॉस्टल, किताबें, लैपटॉप और अन्य पढ़ाई से संबंधित खर्चों के लिए किया जा सकता है। यह घोषणा बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले की गई है। सरकार का कहना है कि इस कदम से राज्य के गरीब और जरूरतमंद छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
छात्रों को क्या क्या फायदे होंगे?
सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब ₹4 लाख तक के लोन पर कोई ब्याज नहीं लगेगा। पहले सामान्य छात्रों को 4% और महिला, दिव्यांग और ट्रांसजेंडर छात्रों को 1% ब्याज देना पड़ता था। ब्याज खत्म होने से लोन चुकाने की कुल राशि काफी कम हो जाएगी। लोन चुकाने की अवधि को बढ़ाकर 10 साल कर दिया गया है। पहले यह 5 से 7 साल थी। लंबी अवधि मिलने से मासिक किस्त (EMI) की राशि कम हो जाएगी, जिससे छात्रों पर वित्तीय दबाव कम होगा और वे आसानी से लोन चुका पाएंगे।
साथ ही ब्याज-मुक्त लोन मिलने से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करना आसान हो जाएगा। उन्हें पढ़ाई के लिए पैसे की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। इस योजना से उन छात्रों को भी लाभ होगा जो अच्छे संस्थान में पढ़ना चाहते हैं, लेकिन जिनके परिवार के पास फीस भरने के लिए पर्याप्त पैसा नहीं है। यह योजना उनकी पढ़ाई का खर्च उठाने में मदद करेगी। लोन पर ब्याज का बोझ और कम समय में चुकाने का दबाव छात्रों पर मानसिक तनाव पैदा करता है। नए नियमों से यह तनाव काफी हद तक कम होगा, जिससे वे बेहतर तरीके से अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर पाएंगे।
सरकार का मकसद क्या है?
सरकार का प्राथमिक लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि बिहार का कोई भी छात्र सिर्फ पैसों की कमी के कारण उच्च शिक्षा से वंचित न रहे। ब्याज मुक्त लोन से गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए अपने बच्चों को पढ़ाना आसान हो जाएगा। यह योजना युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक कदम है। उन्हें बिना किसी बड़े वित्तीय बोझ के अपनी पसंद के कोर्स और कॉलेज में पढ़ने का मौका मिलेगा।यह योजना नीतीश कुमार के “सात निश्चय” कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसके तहत युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक मदद देने का वादा किया गया था। इस योजना के जरिए सरकार अपने वादों को पूरा कर रही है।
पहले क्या था लोन का नियम?
पहले सामान्य छात्रों के लिए 4% और महिला, दिव्यांग और ट्रांसजेंडर छात्रों के लिए 1% ब्याज दर थी। और ₹2 लाख तक के लोन के लिए 5 साल (60 मासिक किस्तें) थी । ₹2 लाख से अधिक के लोन के लिए 7 साल (84 मासिक किस्तें) थी। अब, इन नियमों को बदल दिया गया है, और सभी पात्र छात्रों को ₹4 लाख तक का लोन बिना किसी ब्याज के मिलेगा और इसे 10 साल (120 मासिक किस्तों) में चुकाना होगा।
