Ashta puniya

Ranu Yadav: आस्था पूनिया ने सभी चुनौतियों को पार करते हुए नौसेना में महिला लड़ाकू पायलट बनकर नया इतिहास रच दिया है।
आसमान में उड़ते हवाई जहाजों को देखकर बचपन से ही उड़ान भरने का सपना देखने वाली मेरठ की बेटी आस्था पुनिया ने न केवल अपना सपना सच कर दिया बल्कि देश के लिए गौरव का अवसर भी दिया है।
उनकी इस उपलब्धि को भारतीय सशस्त्र बलों में लैंगिक समानता के रूप में देखा जा रहा है साथ ही नौसेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।


विंग्स ऑफ गोल्ड’ से आस्था पूनिया को सम्मानित किया गया!
आस्था पूनिया को ‘विंग्स ऑफ गोल्ड’ सम्मान प्रदान किया गया, जो नौसेना की फाइटर पायलट बनने की पात्रता को दिखाती है। यह सम्मान उन्हें रियर एडमिरल जनक बेवली, सहायक नौसेना स्टाफ (एयर) की तरफ से आईएनएस डेगा, विशाखापत्तनम में दिया गया। इस मौके पर लेफ्टिनेंट अतुल कुमार ढुल को भी यह सम्मान प्राप्त हुआ। लेकिन सब लेफ्टिनेंट पूनिया की उपलब्धि ने सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। यह समारोह ‘सेकेंड बेसिक हॉक कन्वर्जन कोर्स’ की सफल समाप्ति पर आयोजित हुआ था।
हालांकि इसके पहले भी नौसेना ने हेलीकॉप्टरों में पायलट और एयर ऑपरेशन अधिकारियों के रूप में महिलाओं को शामिल कर चुकी है, लेकिन लड़ाकू विमान के पायलट के रूप में पूनिया का शामिल होना एक नए अध्याय की शुरुआत है।
जयपुर से बीटेक, फिर SSB का सफर!
आस्था ने एसडी इंटर कॉलेज मुजफ्फरनगर से इंटरमीडिएट के बाद वनस्थली विश्वविद्यालय जयपुर से बीटेक किया। बीटेक पास करते ही उसका एसएसबी में तकनीकी एंट्री से चयन हो गया था। इस दौरान उसने आईएनए एजीमाला केरल से दो साल का प्रशिक्षण हासिल किया।और भारतीय नौसेना की पहली महिला फाइटर पायलट बन गईं। आस्था नौसेना के मिग-29 जैसे उन्नत फाइटर प्लेन उड़ाएंगी। इस ऐतिहासिक उपलब्धि से उनके पैतृक गांव बागपत के हिसावदा, मुजफ्फनगर स्थित उनके स्कूल से लेकर मेरठ तक जश्न का माहौल है।

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