ऋषिता गंगराड़े

आज जब चारों ओर वेस्टर्न बीट्स और ट्रैप म्यूजिक का बोलबाला है, ऐसे में पारंपरिक संगीत यानी फोक म्यूजिक (लोक संगीत) की गूंज दोबारा सुनाई देना एक सुखद आश्चर्य जैसा है। यह वापसी केवल पुराने कलाकारों की नहीं, बल्कि युवाओं की देन है — जो आज आधुनिक साजों में परंपरा की धुनें बुन रहे हैं।

लोक संगीत की जड़ें:

भारत के हर राज्य की अपनी एक अनोखी सांस्कृतिक धरोहर है, और लोक संगीत उसी का जीवंत रूप है। राजस्थान का मांड और लंगा-मांगणियार संगीत, पंजाब का टप्पा और गिद्धा गीत, उत्तर भारत का बिरहा और अल्हा, या फिर पूर्वोत्तर का आदिवासी लोक संगीत — ये सभी कहानियों, संघर्षों, त्योहारों और प्रेम की अभिव्यक्तियाँ हैं।

युवाओं की नई पहल:

हाल के वर्षों में युवा कलाकारों ने इन पारंपरिक सुरों को न सिर्फ अपनाया है, बल्कि उन्हें एक नए रंग में दुनिया के सामने भी रखा है। YouTube, Instagram और Spotify जैसे प्लेटफॉर्म पर लोक गायक अब हजारों-लाखों दर्शकों से सीधे जुड़ रहे हैं।

उदाहरण के तौर पर —

  • Mame Khan और The Rajasthan Roots जैसे कलाकारों ने फोक को इंटरनेशनल फ्यूजन म्यूजिक में बदला।
  • Raghav Chaitanya और Maithili Thakur जैसे युवा कलाकार पारंपरिक धुनों को अपने वोकल्स से लोकप्रिय बना रहे हैं।
  • कई स्कूल-कॉलेजों में भी अब लोक संगीत पर आधारित वर्कशॉप और प्रोजेक्ट्स होने लगे हैं।

तकनीक का सहारा, संस्कृति की रक्षा:

जहाँ पहले लोक कलाकार सीमित मंचों तक ही सीमित रहते थे, आज डिजिटल मीडिया ने उन्हें वैश्विक पहचान दी है। पारंपरिक वाद्य यंत्रों को इलेक्ट्रॉनिक बीट्स से जोड़कर युवाओं ने एक ऐसा मिश्रण तैयार किया है जो हर उम्र के लोगों को पसंद आता है।”लोक संगीत अब बीते जमाने की बात नहीं, बल्कि आज की आवाज़ है।”

सांस्कृतिक पहचान की ओर लौटाव:

यह जागरूकता केवल संगीत तक सीमित नहीं रही, बल्कि युवाओं ने पारंपरिक परिधानों, बोलियों और रीति-रिवाजों को भी अपनाना शुरू कर दिया है। कई युवा खुद को अपनी संस्कृति का “कहानीकार” मानते हैं और संगीत को इसका माध्यम बना रहे हैं।

फोक म्यूजिक की यह वापसी केवल संगीत की नहीं, बल्कि अपनी जड़ों की ओर लौटने की एक कोशिश है। जब युवा अपने सुरों में परंपरा की धड़कनें समेटते हैं, तो न सिर्फ एक कला जीवित होती है, बल्कि संस्कृति भी मजबूत होती है।

आज का युवा न सिर्फ डिजिटल है, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी जागरूक है — और यही है असली संगीत की जीत।

मुख्य स्रोत (Sources):

  1. The Better India, Gaon Connection & YourStory Articles
  2. NCERT & Sangeet Natak Akademi Reports
  3. इंटरव्यू और वर्कशॉप रिपोर्ट्स

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