रोहित रजक इंदौर: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में देश के पहले सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र का भव्य लोकार्पण किया। इस ऐतिहासिक अवसर पर उन्होंने कहा कि मध्यस्थता के जरिए समाज में चल रहे छोटे-बड़े विवादों का समाधान आपसी संवाद और विश्वास के आधार पर किया जा सकता है। यह पहल न केवल न्यायिक व्यवस्था को राहत देगी, बल्कि सामाजिक सौहार्द्र को भी मज़बूत बनाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा, “मामले कोर्ट में जाने के बजाय यदि समुदाय के भीतर ही सुलझ जाएं तो समाज में शांति और समझ बनी रहती है। यह केंद्र लोगों को कानूनी प्रक्रिया से पहले एक अवसर देता है कि वे आपसी समझ से हल निकालें।”

उन्होंने बताया कि इंदौर शहर में पहले से ही 22 सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र सक्रिय हैं, जिनके माध्यम से अब तक 5,000 से अधिक विवादों का समाधान सफलतापूर्वक किया गया है। ये मामले ज़्यादातर पारिवारिक विवाद, किरायेदारी, संपत्ति और अन्य नागरिक मामलों से जुड़े हुए थे।

कार्यक्रम में न्यायिक अधिकारियों, प्रशासनिक अफसरों, विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रतिनिधियों के साथ-साथ सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की उपस्थिति रही। सभी ने इस कदम की सराहना की और इसे समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।

डॉ. यादव ने संकेत दिया कि जल्द ही अन्य जिलों में भी इसी तरह के सामुदायिक मध्यस्थता केंद्र खोले जाएंगे ताकि आम लोगों को न्याय मिलने की प्रक्रिया और सरल हो सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *