ऋषिता गंगराडे़
देशभर में SSC (Staff Selection Commission) सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के उम्मीदवारों ने हाल ही में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन शुरू किया है। यह आंदोलन “नौकरी नहीं तो पढ़ाई नहीं” के नारे के साथ सोशल मीडिया पर भी ट्रेंड कर रहा है। प्रमुख मांगें हैं – समय पर परीक्षाएं करवाना, भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता, परीक्षा परिणाम जल्द घोषित करना और रिक्त सरकारी पदों को भरना।
विरोध का कारण:
- भर्ती प्रक्रिया में देरी: SSC CGL, CHSL, GD, रेलवे और अन्य सरकारी भर्तियों में परिणाम जारी करने, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और नियुक्ति में महीनों की देरी हो रही है।
- रिक्त पदों की अनदेखी: रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र और राज्य सरकारों के विभागों में 10 लाख से अधिक पद खाली हैं, लेकिन नियमित भर्तियां नहीं की जा रही हैं।
- परीक्षाओं का बार-बार टलना: UPSC, SSC, रेलवे व अन्य परीक्षाएं समय पर आयोजित नहीं हो पा रही हैं, जिससे लाखों युवाओं का भविष्य अधर में लटक गया है।
- पेपर लीक की घटनाएं: बार-बार पेपर लीक और तकनीकी खामियों के कारण परीक्षार्थियों में आक्रोश बढ़ा है। छात्रों का कहना है कि मेहनत के बावजूद सिस्टम में गड़बड़ी उन्हें पीछे धकेल रही है।
प्रदर्शन के प्रमुख स्थल:
- दिल्ली में जंतर-मंतर पर हजारों छात्र इकट्ठा हुए।
- बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान के प्रमुख शहरों में भी शांतिपूर्ण धरने दिए गए।
- ट्विटर पर #SSC_Protest #NaukariDo जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं।
छात्रों की आवाज:
प्रिया यादव, SSC CGL उम्मीदवार (बिहार) कहती हैं –”तीन साल से तैयारी कर रही हूँ। परीक्षा हुई लेकिन रिजल्ट अब तक नहीं आया। कब तक इंतज़ार करें?
“राहुल शर्मा, रेलवे परीक्षार्थी (उत्तर प्रदेश) कहते हैं –”हमसे परीक्षा शुल्क लेते हैं, समय लेते हैं, उम्मीदें लेते हैं लेकिन देते कुछ नहीं। ये अन्याय है।”
सरकार की प्रतिक्रिया:
कार्मिक मंत्रालय ने यह कहा है कि भर्ती प्रक्रियाओं को तेज़ किया जा रहा है और नई वैकेंसी जल्द जारी होंगी। लेकिन छात्रों का कहना है कि यह सिर्फ आश्वासन है, धरातल पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं हो रही।
देश के करोड़ों बेरोजगार युवाओं का यह विरोध सिर्फ नौकरी की मांग नहीं, बल्कि एक न्यायसंगत और पारदर्शी भर्ती प्रणाली की मांग है। यदि सरकार समय रहते इस पर ठोस कदम नहीं उठाती, तो यह आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है।
Source:
NDTV, The Hindu, Dainik Bhaskar, Scroll.in, August 2025 तक की रिपोर्ट पर आधारित।
