ऋषिता गगंराडे़
डिजिटल इंडिया की रफ्तार के साथ-साथ एक और काली सच्चाई उभरकर सामने आ रही है — गैरकानूनी ऑनलाइन लोन ऐप्स। ये ऐप्स कुछ ही मिनटों में कर्ज़ देने का लालच देकर लोगों को जाल में फंसा लेते हैं, और फिर शुरू होता है ब्लैकमेल, धमकी और मानसिक शोषण का ऐसा सिलसिला, जो कई बार खुदकुशी तक ले जाता है।
सच्ची घटना: हैदराबाद के रमेश की आत्महत्या
स्रोत: The Hindu, India Today, December 2023 Reports
हैदराबाद के रहने वाले 28 वर्षीय रमेश कुमार, एक प्राइवेट कंपनी में काम करते थे। उन्हें कुछ महीने पहले नौकरी से निकाल दिया गया और अचानक पैसों की जरूरत पड़ी। उन्होंने एक ऑनलाइन विज्ञापन के ज़रिए एक ऐप से ₹5,000 का लोन लिया।
लोन तुरंत मिल गया, लेकिन अगले ही दिन ₹1,000 की वसूली के लिए कॉल्स और मैसेजेस शुरू हो गए। जब तक रमेश कुछ समझ पाते, उनके डेटा, कांटैक्ट्स और गैलरी तक पहुंच ऐप को मिल चुकी थी। ऐप ऑपरेटरों ने उनकी फोटो एडिट कर अश्लील बना दी और रिश्तेदारों को भेजनी शुरू कर दी। इससे आहत होकर रमेश ने आत्महत्या कर ली। एक सुसाइड नोट में उसने लिखा:
“मैंने गलती की थी इन ऐप्स से लोन लेकर, अब जी नहीं सकता…”
इस घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और पाया कि ये ऐप्स चीन और हांगकांग से संचालित हो रहे थे और भारत में बिना किसी RBI अनुमति के लाखों लोगों को शिकार बना चुके हैं।
कैसे काम करता है ये डिजिटल शोषण का जाल?
- लुभावने विज्ञापन: इंस्टाग्राम, फेसबुक या गूगल पर flashy ads से लोगों को आकर्षित किया जाता है – “Instant loan in 5 mins!”
- डेटा की चोरी: ऐप इंस्टॉल करते ही यूज़र के फोन की गैलरी, कांटैक्ट्स और लोकेशन तक की अनुमति मांगी जाती है।
- अत्यधिक ब्याज और धमकी: ₹5,000 पर 7 दिन में ₹9,000 की मांग की जाती है, वर्ना परिवार और दोस्तों को बदनाम करने की धमकी दी जाती है।
- शोषण और ब्लैकमेल: फोटो मॉर्फिंग, मैसेज बमबारी, धमकी कॉल्स — ये मानसिक आतंक किसी अपराध से कम नहीं।
भारत में स्थिति कितनी गंभीर है?
- RBI ने दिसंबर 2022 में करीब 600 से ज्यादा फर्जी लोन ऐप्स को गूगल प्ले स्टोर से हटवाया था।
- NCRB रिपोर्ट के अनुसार, 2023 में ऐसे मामलों से जुड़ी 30+ आत्महत्याएँ दर्ज हुईं।
- कर्नाटक, तेलंगाना, महाराष्ट्र में सबसे ज़्यादा केस सामने आए हैं।

क्या करें ऐसे मामलों से बचने के लिए?
- केवल RBI द्वारा रजिस्टर्ड ऐप्स से ही लोन लें।
- ऐप इंस्टॉल करते समय permissions की पूरी जांच करें।
- सोशल मीडिया पर लोन लिंक पर क्लिक न करें।
- किसी धमकी भरे मैसेज या कॉल की सूचना तुरंत Cyber Crime हेल्पलाइन 1930 या https://cybercrime.gov.in पर दें।
डिजिटल दुनिया जितनी सुविधा देती है, उतना ही खतरा भी छिपा होता है। जब तक हम सतर्क नहीं होंगे, तब तक ये अपराधी मानसिक और आर्थिक शोषण से लोगों की ज़िंदगी तबाह करते रहेंगे। रमेश जैसे कई लोगों की कहानी एक चेतावनी है — “Instant loan” की लालच में अपनी जिंदगी को गिरवी न रखें।
स्रोत: The Hindu Report, Dec 2023India Today: Digital loan apps menace, RBI Official Website – https://rbi.org.in
