ऋषिता गंंगराडें
मध्य प्रदेश समेत देश के कई राज्यों में सड़क सुरक्षा को लेकर एक बड़ा और अहम कदम उठाया गया है। 1 अगस्त 2025 से बिना हेलमेट पहने दोपहिया वाहन चालकों को पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। यह फैसला सड़क हादसों को कम करने, ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नागरिकों की जान की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
इस निर्णय का आदेश राज्य परिवहन विभाग और स्थानीय जिला प्रशासन द्वारा जारी किया गया है, जिसका पालन अब प्रदेश के सभी पेट्रोल पंपों पर अनिवार्य कर दिया गया है। आदेश के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति बिना हेलमेट के पेट्रोल लेने आता है, तो पेट्रोल पंप कर्मी को उसे ईंधन नहीं देना है।
क्यों लिया गया यह फैसला?
देश में हर साल हजारों लोग सड़क दुर्घटनाओं में अपनी जान गंवाते हैं, जिनमें से बड़ी संख्या दोपहिया वाहन चालकों की होती है। एक सरकारी आंकड़े के अनुसार, 2024 में सड़क दुर्घटनाओं में मारे गए दोपहिया चालकों में से 68% ने हेलमेट नहीं पहना था। यह नियम इस आंकड़े को कम करने की दिशा में एक प्रभावी कदम माना जा रहा है।
पालन न करने पर क्या होगा?
- पेट्रोल पंप पर सीसीटीवी से निगरानी की जाएगी कि नियम का पालन हो रहा है या नहीं।
- यदि किसी पेट्रोल पंप पर बार-बार इस नियम का उल्लंघन पाया गया, तो उस पंप का लाइसेंस निलंबित भी किया जा सकता है।
- आम लोगों को भी टोल-फ्री नंबर और मोबाइल ऐप के ज़रिए शिकायत दर्ज कराने की सुविधा दी गई है।
जनता की प्रतिक्रिया
इस नियम पर जनता की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई है। कुछ लोग इसे जरूरी और सराहनीय पहल बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे जनता पर अत्यधिक नियंत्रण मान रहे हैं। हालांकि, अधिकांश लोग मानते हैं कि यदि इससे जान बचती है, तो नियम का पालन करना जरूरी है।
सड़क सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। हेलमेट पहनना न केवल कानूनन अनिवार्य है, बल्कि यह आपकी जान की सुरक्षा का कवच भी है। इसलिए अगर आप दोपहिया वाहन चलाते हैं और पेट्रोल भरवाने जा रहे हैं, तो 1 अगस्त से पहले ही हेलमेट पहनने की आदत डाल लें, वरना पेट्रोल नहीं मिलेगा।
स्रोत:
मध्य प्रदेश शासन, परिवहन विभाग एवं संबंधित जिला प्रशासन के आदेश; स्थानीय समाचार पत्र एवं चैनल रिपोर्ट्स (दैनिक भास्कर, नवदुनिया, Aaj Tak, NDTV इंडिया)
