रिपोर्ट रोहित रजक भोपाल। प्रदेश में किसानों को खाद वितरण को लेकर लगातार परेशानी झेलनी पड़ रही है। कई जिलों से शिकायतें मिल रही हैं कि पर्याप्त खाद उपलब्ध होने के बावजूद किसानों को लंबी-लंबी लाइनें लगानी पड़ रही हैं।
अव्यवस्था के कारण कई जगह विवाद और अफरा-तफरी की स्थिति भी बन रही है। इसी स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सख्त रुख अपनाया है।
पर्याप्त खाद होने पर भी लापरवाही क्यों ?
मुख्यमंत्री ने मंत्रालय में कलेक्टरों और अधिकारियों की बैठक बुलाई और कहा कि राज्य को केंद्र सरकार से समय पर और पर्याप्त खाद मिल रही है।
कलेक्टरों द्वारा जितनी खाद की मांग की गई थी, उसके अनुसार ही जिलों को आपूर्ति कर दी गई है। ऐसे में यदि किसान परेशान हो रहे हैं तो यह केवल प्रशासनिक लापरवाही है।
जिम्मेदारी न निभाने वाले कलेक्टर होंगे हटाए गए
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि यदि किसी जिले में किसान खाद के लिए परेशान मिलते हैं और स्थिति नहीं सुधरती है तो वहां के कलेक्टर को तुरंत हटा दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि किसानों की परेशानी सरकार कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। अधिकारी अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाएं, अन्यथा परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें।
रोजाना समीक्षा और सख्त निगरानी
मुख्यमंत्री ने खाद वितरण व्यवस्था की रोजाना समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक जिले में प्रशासनिक अधिकारी खाद वितरण केंद्रों पर खुद मौजूद रहें और हालात पर नजर रखें। भीड़ और अव्यवस्था को रोकने के लिए जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त वितरण केंद्र भी खोले जाएं।
किसानों को सम्मान और सुविधा जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान प्रदेश और देश की रीढ़ हैं। उन्हें सम्मान और सुविधा मिलनी ही चाहिए। यदि किसानों के साथ धक्का-मुक्की या पुलिस लाठीचार्ज जैसी घटनाएं दोहराई गईं, तो संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
उन्होंने कहा कि किसानों की समस्या हल करने के लिए जिलों के प्रभारी मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी खुद दौरा करें और किसानों से संवाद करें।
कलेक्टरों की मांग के अनुसार भेजी गई खाद
बैठक में यह जानकारी भी दी गई कि कलेक्टरों द्वारा जितनी खाद की मांग की गई थी, उसके अनुसार ही खाद जिलों को भेजी जा चुकी है।
प्रदेश में अभी पर्याप्त खाद का भंडारण मौजूद है। किसानों को राहत देने के लिए वितरण व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए अतिरिक्त वाहन और संसाधन लगाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने दिया सख्त संदेश
मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि किसानों को किसी भी हालत में परेशानी नहीं होनी चाहिए। यदि पर्याप्त खाद उपलब्ध होने के बाद भी अफसर किसानों को राहत नहीं दिला पा रहे हैं तो यह उनकी असफलता है और ऐसे अफसर अपनी कुर्सी पर नहीं रह पाएंगे।
बीयू में विकास कार्यों का भूमिपूजन
इसी बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल स्थित बर्कतुल्लाह विश्वविद्यालय में विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों और छात्रों दोनों की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दे रही है। शिक्षा और कृषि, दोनों ही राज्य की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण हैं और सरकार इन क्षेत्रों में लगातार सुधार के प्रयास कर रही है।
समग्र रूप से देखा जाए तो मुख्यमंत्री ने किसानों को खाद वितरण में हो रही परेशानी को गंभीरता से लिया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि पर्याप्त खाद होने के बावजूद यदि कहीं भी किसान लाइन में परेशान होते पाए गए तो जिम्मेदार अफसरों को तुरंत हटाया जाएगा।
सरकार का कहना है कि किसान सम्मान और सुविधा के हकदार हैं और इस दिशा में कोई भी लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
