रोहित रजक, भोपाल | गुरुवार को विधानसभा में कांग्रेस ने किसानों को खाद न मिलने का मुद्दा जोरशोर से उठाया। कांग्रेस विधायकों ने प्रतीकात्मक रूप से खाद की बोरी लेकर विरोध किया और सरकार पर आरोप लगाया कि वह किसानों को जरूरी खाद नहीं दे रही, बल्कि उसकी जगह नैनो यूरिया थमा रही है। वहीं, सरकार ने कहा कि प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है।

कांग्रेस का आरोप – किसानों को हो रही परेशानी

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रदेश के कई हिस्सों में किसानों को डीएपी और यूरिया नहीं मिल पा रही है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि किसान लाइन में खड़े हैं, लेकिन गोदामों में खाद नहीं है। सरकार कह रही है कि नैनो यूरिया इस्तेमाल करो, जबकि किसानों को उनकी पारंपरिक खाद की जरूरत है।

उन्होंने कहा, “नैनो यूरिया नई चीज है, इसे खेत में इस्तेमाल करने से फसल पर असर नहीं पड़ता, किसान इसे समझ नहीं पा रहे। लेकिन सरकार जबरदस्ती किसानों को यही दे रही है।”

सरकार का जवाब – संकट जैसी कोई बात नहीं

खाद मंत्री ने सदन में जवाब देते हुए कहा कि प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में खाद मौजूद है। किसानों को जरूरत के हिसाब से खाद दी जा रही है। मंत्री ने कहा, “नैनो यूरिया को केंद्र सरकार ने भी स्वीकृति दी है। यह एक नई तकनीक है और इससे खेती में फायदा होगा।” मंत्री ने यह भी कहा कि कुछ जगहों पर मांग अधिक होने से थोड़ी परेशानी हो सकती है, लेकिन जल्द ही स्थिति सामान्य हो जाएगी।

कांग्रेस ने कहा – सरकार सच्चाई छिपा रही है

कांग्रेस विधायक सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि सरकार किसानों की समस्याएं नहीं समझ रही। उन्होंने कहा – “सरकार सिर्फ आंकड़े दिखाकर बचना चाहती है, लेकिन ज़मीनी हालात बहुत खराब हैं। किसान परेशान हैं और खरीफ की बुवाई का समय निकल रहा है।”

कांग्रेस विधायकों ने सदन में खूब हंगामा किया और खाद संकट पर अलग से चर्चा की मांग की।

दिव्यांगों को बांटे गए उपकरण

इधर, विधानसभा परिसर में एक और कार्यक्रम के तहत दिव्यांगों को सहायता उपकरण बांटे गए। कार्यक्रम में विधायक नीना वर्मा और मंत्री नारायण सिंह कुशवाह मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि सरकार हर वर्ग की मदद के लिए संकल्पित है। जरूरतमंदों को सही समय पर सहायता पहुंचाना हमारी प्राथमिकता है।

कुल मिलाकर विधानसभा का यह सत्र किसानों की परेशानियों और सरकार की जवाबदेही पर केंद्रित रहा। जहां एक तरफ विपक्ष ने खाद संकट को लेकर सरकार को घेरा, वहीं सरकार ने अपनी नीति और व्यवस्था को सही बताया। किसानों को राहत कब और कैसे मिलेगी, यह आने वाले समय में साफ होगा।

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