ऋषिता गंगराडे़
सीकर, राजस्थान | प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूश्यामजी मंदिर में इन दिनों श्रद्धालु और दुकानदारों के बीच तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। हाल ही में बारिश के दौरान हुई एक दर्दनाक घटना के बाद, भक्तों ने मंदिर परिसर के आसपास के दुकानदारों का बहिष्कार करना शुरू कर दिया है।
जानकारी के अनुसार, बारिश के समय एक श्रद्धालु परिवार पर स्थानीय दुकानदारों द्वारा कथित तौर पर हमला किया गया था, जिससे परिवार के कुछ सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के वायरल वीडियो और रिपोर्टों के बाद श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश फैल गया।
अब स्थिति यह है कि श्रद्धालु स्थानीय दुकानों से प्रसाद खरीदने से इनकार कर रहे हैं और पूजा सामग्री तथा भोग अपने घरों से लाकर मंदिर में अर्पित कर रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
सूत्रों के अनुसार, मंदिर में दर्शन के लिए आई एक फैमिली के साथ दुकानदरों का झगड़ा हो गया था, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। श्रद्धालुओं का आरोप है कि दुकानदरों ने न सिर्फ बदतमीज़ी की, बल्कि मारपीट भी की।
श्रद्धालुओं की प्रतिक्रिया:
अलवर से आए एक भक्त अशोक जैन ने कहा:
“हम भगवान के दरबार में आस्था से आते हैं, अगर हमें ही डर लगे कि दुकानदार गाली देंगे या मारेंगे, तो फिर हम प्रसाद क्यों खरीदें? हम तो अब घर से ही लाते हैं।”
दुकानदारों का पक्ष:
कुछ दुकानदारों का कहना है कि मामला एकतरफा दिखाया जा रहा है।स्थानीय दुकानदार रमेश अग्रवाल बोले:”हम पर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। हमें भी अपनी बात रखने का मौका मिलना चाहिए। सभी दुकानदार दोषी नहीं हैं।”
प्रशासन की चुप्पी:
इस पूरे मामले पर अभी तक मंदिर ट्रस्ट या स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ रही है।
खाटूश्यामजी, जो भक्तों के आस्था का केंद्र है, वहाँ इस प्रकार की घटनाएं न केवल श्रद्धा को ठेस पहुंचाती हैं, बल्कि स्थानीय व्यापारियों की छवि को भी नुकसान पहुंचाती हैं। जरूरी है कि प्रशासन निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे, ताकि मंदिर का पवित्र वातावरण सुरक्षित रह सके।
