Ranu Yadav:दिल्ली के गुरुग्राम में अपनी ही बेटी की हत्या के जुल्म में पुलिस ने आरोपी दीपक यादव को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी लाइसेंसी रिवॉल्वर को भी जब्त कर लिया गया है आपको बता दें कि राधिका यादव हरियाणा की एक उभरती हुई टेनिस प्लेयर थीं।
दिल्ली के गुरुग्राम में दिल को झकझोर देने वाली एक घटना हुई ।जिसने 25 साल की स्टेट लेवल टेनिस प्लेयर राधिका यादव की हत्या उनके ही पिता दीपक यादव ने गोली मारकर कर दी।पुलिस फिलहाल इस पूरे मामले की जांच में जुटी है।शुरुआती जांच के बाद पुलिस का कहना है पिता ने अपनी बेटी की हत्या इसलिए की क्योंकि वह एकेडमी बंद नहीं कर रही थी। क्या सच है क्या झूठ अब इसका पता तो पुलिस इन्वेस्टिगेशन के बाद ही चलेगा। फिलहाल पिता के बयान पर
पुलिस ने आरोपी दीपक यादव को गिरफ्तार कर उसकी लाइसेंसी रिवॉल्वर को भी जब्त कर लिया है। राधिका यादव हरियाणा की एक टेनिस प्लेयर थीं।उन्होंने स्टेट लेवल पर कई टूर्नामेंट में हिस्सा लिया था।23 मार्च 2000 को जन्मी राधिका की अंतर्राष्ट्रीय टेनिस महासंघ (ITF) में युगल टेनिस खिलाड़ी के रूप में रैंकिंग 113 थी।
राधिका के चाचा कुलदीप ने बताया कि गुरुवार सुबह करीब 10:30 बजे गोली चलने की आवाज सुनकर वह और उनका बेटा पीयूष पहली मंजिल पर पहुंचे तो राधिका रसोई में खून से लथपथ पड़ी थी।उन्होंने राधिका को तुरंत सेक्टर 56 के एशिया मरिंगो अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कुलदीप ने बताया कि घटना के समय घर में दीपक, उनकी पत्नी मंजू और राधिका ही मौजूद थे।

पिता का बयान!
सेक्टर थाना 57 के प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि दीपक का कहना है कि 3 महीने पहले राधिका के कंधे के चोट लग जाने की वजह से वह टेनिस खेलना छोड़ दी थी। उसके बाद राधिका ने अपना खुद का टेनिस एकेडमी खोला, जहां वो खुद लड़के- लड़कियों के टेनिस सिखाती थी।

लोग मारते थे ताना! कि बेटी की कमाई खा रहा है।
पिता का कहना है कि जब वो बाहर निकलता था तो लोग उससे ताना मारते थे इसलिए उसने बेटी कि हत्या कर दी। लोगों का कहना था कि तेरी बेटी तो अच्छा पैसा कमाती है। तेरे तो मजे है, तू तो आराम से बेटी की कमाई खा रहा है।
ऐसा कहते हुए उन्होंने बोला कि लोग की ये सब बाते मुझे चुभती थी। मैंने कई बार राधिका से बोला कि तू एकेडमी बंद कर दे लेकिन वो नहीं मानी, कई बार उस चीज को लेकर झगड़ा भी हुआ था। पर उसका कहना था कि लोग क्या कहेंगे उसका मुझे कोई परवाह नहीं है।
गुरुवार को भी इसी बात की लेकर झगड़ा हुआ मै उसको समझाया लेकिन नहीं मानी तो मैने उसे गोली मार दी।

आखिर अपने घर की बहु, बेटी का कमाना शर्म की बात क्यों?
पिता समाज की टिप्पणियां सुनकर एकेडमी बंद करवाना चाहते रहे। समाज के भीतर आज भी एक ऐसी धारणा है जो महिलाओं को बाहर निकलकर कमाने के पक्ष में नहीं रहता है। ऐसी छोटी सोच रखने वालों की वजह से ना जाने कितनी टैलेंटेड लड़कियों को जिंदा मौत दिया जा रहा।
ये हत्या समाज के कुंठित लोगों द्वारा कराई गई है, जो बाहर निकलकर काम करने वाली लड़कियों को हमेशा नीचा दिखाने और चरित्रहीन बताने के अलावा कुछ नही सोच सकते है। उसने अकेले व्यक्ति को जिम्मेदार ठहराना कहां तक सही है। महिलाओं का काम करना आखिर शर्म की बात क्यों है???

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *