Ranu yadav: उत्तर प्रदेश में इन दिनों छांगुर बाबा काफ़ी सुर्खियों में है। छांगुर बाबा उर्फ जमालुदीन वही है जिन पर यूपी में धर्मांतरण का आरोप लगा है। जिसको इस मामले में गिरफ़्तार भी किया गया है। राज्य सरकार ने इस मामले में छांगुर बाबा का नेपाल की सीमा से सटे बलरामपुर ज़िले में उनके घर को बुलडोज़र से गिरा दिया है। बताया जा रहा है कि ये घर उनकी सहयोगी के नाम पर है। लेकिन छांगुर बाबा का परिवार यहीं रहता था।
छांगुर बाबा के सहयोगी का घर गिराए जाने को लेकर बलरामपुर “जाँच में ये पाया गया है कि ये इमारत अवैध रूप से सरकारी ज़मीन पर बनाई गई थी। और ये इमारत नीतू रोहरा के नाम पर है,इसको भी यूपी पुलिस ने 5 जुलाई को गिरफ़्तार किया था।नीतू रोहरा उर्फ़ नसरीन को छांगुर बाबा की क़रीबी बताई जा रहा है पुलिस के मुताबिक़ नीतू रोहरा ने छांगुर बाबा की मुरीद बनने के बाद इस्लाम धर्म अपना लिया था।
बलरामपुर में साइकिल पर ताबीज बेचने वाला जलालुद्दीन उर्फ छांगुर बाबा 106 करोड़ का मालिक कैसे बना?
छांगुर बाबा के 40 बैंक खातों में 106 करोड़ रुपये से भी ज्यादा जमा है। सवाल यह है कि इतना सारा पैसा उसके पास आखिर आया कहां से? जांच में जो बात सामने आई, वो होश उड़ाने वाली है। जांच में पता चला है कि इस बेशुमार दौलत का ज्यादातर हिस्सा मध्य पूर्व के इस्लामिक देशों से आया है। सुरक्षा एजेंसियां अब उन सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों पर भी नजर रख रही हैं, जिन्होंने जाने-अनजाने या जानबूझकर इस खतरनाक गिरोह की मदद की।
उसके गुनाहों की जड़ें सिर्फ बलरामपुर तक ही सीमित नहीं थीं।
महाराष्ट्र के लोनावाला में भी उसकी एक अवैध संपत्ति का पता चला है, जिसे 2 अगस्त 2023 को छांगुर बाबा और हाल ही में गिरफ्तार हुए उसके साथी नवीन के नाम पर खरीदा गया था।
एटीएस के वकील ने कोर्ट में बताया है कि जलालुद्दीन एक संगठित गिरोह चला रहा था। ये लोग गरीब, बेसहारा मजदूरों, कमजोर वर्ग के लोगों और विधवा महिलाओं को अपना शिकार बनाते थे। फिर उन्हें आर्थिक मदद, नौकरी का लालच या शादी का वादा देकर धर्मांतरण कराते थे। छांगुर बाबा का पूरा खेल ही अवैध तरीके से मुस्लिमों की संख्या बढ़ाकर देश जनसंख्या बढ़ाना था।
छांगुर बाबा पर क्या कार्यवाही?
उत्तर प्रदेश एटीएस ने पिछले सप्ताह छांगुर बाबा को गिरफ़्तार किया था।
एटीएस ने छांगुर बाबा पर धर्मांतरण रैकेट चलाने का आरोप लगाया है और कहा है कि इसकी जाँच की जा रही है।
इस मामले पर राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि “हमारी सरकार बहन-बेटियों की गरिमा और सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि अभियुक्त की गतिविधियाँ केवल समाज विरोधी ही नहीं, बल्कि राष्ट्र विरोधी भी हैं।”
कौन है छांगुर बाबा?
छांगुर बाबा का जन्म बलरामपुर ज़िले के उतरौला तहसील के अंतर्गत रेहरा माफ़ी गाँव ने हुआ था।छांगुर बाबा के तीन भाई हैं, तीनों भाई अभी भी गाँव में ही रहते है।
गाँव के लोगों का कहना है कि छांगुर बाबा साइकिल से नग और अंगूठी बेचने का काम करते थे। उसके बाद वो मुंबई चले गए।और बाद में अपने आप को पीर घोषित कर दिया।छांगुर बाबा दो बार 2005-2010और 2015-2020 तक अपने गाँव रेहरा माफ़ी के प्रधान भी रह चुके है।
यूपी के ATS ने छांगुर बाबा पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं!
यूपी के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) अमिताभ यश ने पिछले दिनों पत्रकारों से बातचीत में कहा था, “यह एक बड़ा धर्मांतरण रैकेट है, जिसकी जाँच एटीएस कर रही है।”
एटीएस का दावा है कि धर्मांतरण को लेकर छांगुर बाबा के ख़िलाफ़ कई शिकायतें भी दर्ज की गई थी।
बलरामपुर में खुलेगा इनके गुनाहों का सारा सच!
अब एटीएस की टीम छांगुर बाबा और उसकी साथी नीतू को लेकर बलरामपुर जाएगी। वहां उनसे धर्मांतरण से जुड़े सबूत को बरामद किया जाएगा। साथ ही विदेश से आ रही फंडिंग के बारे के पूछताछ करेगी। इन दोनों के मोबाइल फोन समेत सभी इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स से डाटा खंगाला जाएगा, ताकि अवैध धर्मांतरण से जुड़े पुख्ता सबूत जुटाए जा सकें।
