रानू यादव: गोरखपुर के बिछिया स्थित पीएसी कैंप में ट्रेनी महिला सिपाहियों ने बुधवार की सुबह हंगामा कर दिया। 600 महिला सिपाही रोती बिलखती ट्रेनिंग सेंटर से बाहर आ गई और ट्रेनिंग सेंटर के अव्यवस्थाओं पर गंभीर आरोपों लगाए ।इन महिला रिक्रूट्स ने बाथरूम में कैमरे लगे होने और अन्य सुविधाओं की कमी का आरोप लगाया है।
महिला ट्रेनी सिपाहियों के गंभीर आरोप?
बाथरूम में कैमरे का आरोप: महिला रिक्रूट्स का सबसे गंभीर आरोप यह है कि उनके बाथरूम में कैमरे लगाए गए हैं और उनके वीडियो बनाए गए हैं। हालांकि, पुलिस अधिकारियों ने जांच के बाद इन आरोपों को “पूर्णतः असत्य बताया है।
अव्यवस्थाएं: महिला रिक्रूट्स ने बिजली, पानी, खराब खाना और रहने की अपर्याप्त व्यवस्थाओं को लेकर भी शिकायतें की हैं। उनका कहना है कि 360 रिक्रूट्स के लिए व्यवस्था होने के बावजूद 600 रिक्रूट्स वहां रह रही हैं।
अशिष्टता का आरोप: एक फिजिकल ट्रेनिंग इंस्ट्रक्टर (PTI) पर भी महिला रिक्रूट्स के साथ अभद्रता करने का आरोप लगा है, जिसके बाद उसे निलंबित कर दिया गया है।
इन सब के बाद डीजीपी ने इस मामले को संज्ञान में लेते हुए पीएसी के अफसरों को जम कर फटकार लगाई। उन्होंने कहा नई भर्ती के सिपाहियों के लिए सारी व्यवस्था पहले से ही की गई थी तो ऐसी अवस्था सामने क्यों आ रही है? डीजीपी राजीव कृष्ण के निर्देश पर आरटीसी प्रभारी संजय राय को सस्पेंड कर दिया गया है। साथ ही 26वीं बटालियन पीएसी के कमाडेंट आनंद कुमार को भी अपने काम को सही से नहीं करने का दोषी पाते हुए सस्पेंड कर दिया गया है।
प्रेग्नेंसी जांच को लेकर भी हुआ विवाद!
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह हंगामा उस समय बढ़ गया, जब डीआईजी रोहन पी ने अविवाहित महिला रिक्रूट्स की प्रेग्नेंसी जांच का आदेश दिया था। इसके लिए सीएमओ को पत्र भेजा गया और मेडिकल टीम भी बुलाई गई आदेश पर बवाल मचने के बाद आईजी ट्रेनिंग चंद्र प्रकाश ने हस्तक्षेप कर आदेश को निरस्त कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अविवाहित महिला रिक्रूट्स को केवल शपथ पत्र देना होगा और यदि कोई प्रेग्नेंट है तो उसे बाद के बैच में शामिल किया जाएगा।
प्रशासन ने मामले को किया शांत!
हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस ट्रेनिंग स्कूल के ट्रेनर और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और महिला सिपाहियों को समझाने का प्रयास किया। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन ट्रेनी महिलाओं की नाराजगी बनी हुई है।
